एक मरीज से उलझने का तो दूसरे मरीज से इलाज के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
सीएचसी अधीक्षक ने जांच का दिया आश्वासन, जमीन से उठाकर मरीज को खिला दी दवा
परतावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल के इमरजेंसी वार्ड में बीती रात में डॉक्टरों की गैर मौजूदगी में फार्मासिस्ट द्वारा इलाज करने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपों की माने तो एक मरीजों को तो वह गलत इंजेक्शन लगाने जा रहा था और दूसरे मरीज से वह इलाज के नाम पर रुपये मांग रहा था। मामले में सीएचसी अधीक्षक ने जांच का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की रात इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परतावल के आजाद नगर वार्ड निवासी उमाशंकर (70) हाई ब्लड प्रेशर की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उस समय इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। वहां मौजूद प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने उनका इलाज किया।
उनके परिजन का आरोप है कि प्रशिक्षु फार्मासिस्ट मरीज को गलत इंजेक्शन लगाने जा रहा था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे स्टाफ नर्स चंद्रभूषण ने उसे रोक दिया। इसके बाद ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए दी जाने वाली कैप्सूल उसने जमीन से उठाकर मरीज को खिला दिया। परिजन ने जब इसका विरोध किया तो फार्मासिस्ट उनसे भी उलझ गया और हाथापाई पर उतारू हो गया।
इसी दौरान इलाज कराने पहुंचे बनकटिया निवासी अंकित से भी इलाज के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगा। अंकित के विरोध करने पर फार्मासिस्ट ने कथित तौर पर कहा कि रात में जागकर इलाज कर रहे हैं तो मुफ्त में थोड़ी करेंगे। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में चिकित्सक के पहुंचने पर तीमारदारों ने पूरे मामले की शिकायत उनसे की।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि प्रशिक्षु फार्मासिस्ट के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।