महराजगंज। मौसम में परिवर्तन के साथ दिन-रात के तापमान में अंतर आने लगा है। दिन का तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इससे बच्चों व बुजुर्गों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी बढ़कर 100 से 200 पहुंच गई है। बच्चों को डायरिया, वायरल फीवर, निमोनिया का खतरा बना है। बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा एलर्जिक ब्रोंकाइटिस (सांस फूलने की बीमारी) का है। दरअसल मौसम में दिन में गर्मी है तो रात में ठंड पड़ रही है। डॉ. एवी त्रिपाठी ने कहा कि सुबह-शाम ठंड पड़ रही है। दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होने से लोग सर्दी में बचाव में लापरवाही कर रहे हैं। इससे वह बीमार पड़ रहे हैं। इस वक्त ज्यादा बचाव करने की जरूरत है।
बुजुर्गों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
फिजीशियन डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि इस मौसम में वायरल बुखार का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है, फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती है। फेफड़ों की नली में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। कभी भी हार्ट पर अधिक लोड पड़ने से मौत तक हो जाती है।
बच्चों में वायरल इंफेक्शन अधिक
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
ऐसे करें बचाव
बच्चों को सुबह-शाम पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहने।
बच्चों को ठंडी चीज खाने के लिए न दें। दूध भी गुनगुना करके दें।
बुजुर्ग सुबह-शाम बाहर टहलने न निकलें । हल्की धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो मास्क लगा लें।
धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें। समय से दवा लें। सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक की सलाह लें।