महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। आरोग्य मेले में उल्टी-दस्त, बुखार और त्वचा रोग से पीड़ित मरीज पहुंचे, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कृत पिपरा पर सुबह 11 बजे डॉ. मनोज मिश्रा मरीजों का इलाज करते नजर आए। वहीं, गांव के शंकर ने बताया कि विवाह समारोह से लौटने के बाद उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई। पहले निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन लाभ नहीं मिला। आरोग्य मेले में पहुंचने पर डॉक्टर ने ओआरएस और जरूरी दवाएं दीं।
इससे कुछ राहत महसूस हुई। इसी तरह, गायत्री ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर में दाद हो गया है। कई जगह इलाज कराई, लेकिन आराम नहीं मिला। थक हारकर वह मेले में पहुंचीं। जहां डॉक्टर ने दवाएं दीं। लाभ न मिलने पर जिला अस्पताल के चर्मरोग विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह दी। हालांकि दाद पर लगाने के लिए कोई क्रीम नहीं दी गई।
बहादुरी बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 12:12 बजे डॉ. गिरीश चंद मरीजों का उपचार कर रहे थे। यहां मरीज बबलू ने बताया कि लू लगने से एक सप्ताह से बुखार है, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। मेले में डॉक्टर ने खून की जांच किए बिना ही दवा दी और कहा कि आराम न मिलने की स्थिति में जिला अस्पताल जाएं।
वहीं, अखिलेश ने खुजली की शिकायत करते हुए बताया कि उन्होंने कई जगह इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिली। आरोग्य मेले में कुछ एंटीबायोटिक दवाएं दी गई हैं, लेकिन लगाने के लिए क्रीम उपलब्ध नहीं थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोल्हुई पर दोपहर एक बजे डॉ. इसरार अहमद मरीजों का इलाज कर रहे थे। दिलीप कुमार ने बताया कि लू लगने के कारण उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत है।
आरोग्य मेले में डॉक्टर ने उन्हें ओआरएस और दवाएं दीं। वहीं, माया ने बताया कि उनकी छह वर्षीय बेटी को बुखार है। उल्टी-दस्त हो रहा है। मेले में डॉक्टर ने जरूरी दवाएं दी हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य में तैनात चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। लू से बचाव के लिए आवश्यक दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध हैं और उन्हें समय से मरीजों को वितरित किया जा रहा है।