महराजगंज जिले में विगत 24 घंटे से चल रही तेज हवा व इसके साथ हुई बारिश के कहर ने धान व गन्ने की फसल को बड़े पैमाने नुकसान पहुंचाया है। जिले के निचलौल, सिसवा, मिठौरा क्षेत्रों में तेज हवा के चलते धान व गन्ने की फसल खेतों में ही धराशायी हो गई। लिहाजा किसानों की चिंता बढ़ गई। दरअसल अगेती धान की फसल लगभग पूरी तरह से पक तैयार हो चुकी है। कुछ जगहों पर तो ऐसी फसल की कटाई का कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। जबकि ऐसी स्थिति में फसल खेतों में धराशायी हो गई है, तो ऐसे में बड़े पैमाने पर नुकसान होने की संभावना है।
खोन्हौली निवासी किसान ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि वह इस बार अपने साढ़े चार एकड़ की खेत में धान की अगेती फसल लगी है जो पूरी तरह से पक कर तैयार हो चुकी है। लेकिन बीते मंगलवार अपराह्न बाद से ही अचानक मौसम में बदलाव आ गया। तेज हवा भी चलने लगी। यह सिलसिला बुधवार को भी पूरे दिन जारी रहा। जबकि बुधवार को तेज हवा के साथ हो रही बारिश ने खेत में खड़ी धान की फसल पर जमकर कहर बरपाया। यदि इसी प्रकार से आगे भी मौसम रहा, तो आर्थिक चपत लग सकती है।
सीमावर्ती क्षेत्र के मिश्रवलिया निवासी इजहार अली सिद्दिकी ने बताया कि वह 20 एकड़ में गन्ने की फसल लगी है। विगत दिनों हुई मूसलाधार बारिश से गन्ने की खेतों में जलभराव हो गया था। इसी बीच तेज हवा से अधिकांश गन्ने की जड़ें उखड़ चुकी हैं। गन्ने की फसल सुखने लगी है।
वहीं, रायपुर निवासी किसान नंद किशोर ने कहा कि जिस प्रकार से अचानक मौसम में बदलाव हुआ है। उसने धान व गन्ने की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने अगेती धान की फसल व गन्ने की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। जो धान की फसल धराशायी हो गई है। उसकी उपज आधी हो जाएगी। किसान सादिक अली ने कहा कि मौसम की मार से किसानों को बड़े पैमाने पर आर्थिक चपत लगी है। जिस प्रकार से तेज हवा चल रही है। उससे खेत में तैयार खड़ी धान की फसल को व्यापक नुकसान होगा।