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Maharajganj News: खुले हैं नाले जानलेवा...जिम्मेदार बेखबर, आप रखें ध्यान

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गोरखपुर में खुले नाले ने ही ले ली किशोर की जान, बावजूद इसके घटना से सबक नहीं ले रहे जिम्मेदार
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कोतवाली रोड और ऑफिसर्स कॉलोनी में नाले पर स्लैब नहीं होने से लोग परेशान, नौतनवां में खुले हैं नाले
महराजगंज/नौतनवा। जनपद की सड़कों पर चलते समय सतर्कता बरतें, जरा संभलकर चलें! मामूली चूक भी हादसे का शिकार बना सकती है। गोरखपुर के राप्तीनगर विस्तार कॉलोनी के पास 12 वर्षीय बालक साइकिल समेत अधूरे-पड़े नाले में गिर गया। पेट में सरिया धंसने से उसकी मौत हो गई। शहर में भी कई जगह नाले और स्लैब टूटे हुए हैं। कभी भी इनकी वजह से गंभीर हादसा होने की आशंका है।
महराजगंज शहर के कोतवाली रोड और ऑफिसर्स कॉलोनी से रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद ऑफिसर्स कॉलोनी के पास नाले पर स्लैब नहीं है।
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जिम्मेदार मामले के प्रति उदासीन बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इसके अलावा शहर से लेकर ठूठीबारी कस्बे तक हाईवे निर्माण के तहत नाला निर्मित किया जा रहा है। यहां भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आ चुका है। नाला निर्माण के लिए सरिया तो गया दिया गया लेकिन निर्माण स्थल की घेराबंदी नहीं की गई। इससे हादसे की आशंका से लोग परेशान हैं।
नौतनवा कस्बे के मुख्य मार्ग से सटे कई स्थानों पर नाले खुले और स्लैब टूटे हुए हैं।

वहीं कई स्थानों पर नालों के ऊपर रखे स्लैब ऊबड़-खाबड़ स्थिति में पड़े हुए हैं। ऐसे में कभी भी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। आए दिन इसके कारण लोगों के चोटिल होने से जुड़े छिटपुट मामले भी सामने आते रहते हैं। गोरखपुर में घटना होने के बाद भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं।
रात में हादसा का खतरा अधिक
खुले नाले के कारण दिन में तो हादसे की आशंका रहती ही है। रात में यह डर कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। कई जगह ऐसे भी हैं जहां पर रात में प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में नाला या स्लैब खुला होने से हादसे का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। रात में हादसे की स्थिति में पीड़ित को समय से मदद मिलना भी मुश्किल है।
इस संबंध में नौतनवा के एसडीएम नवीन प्रसाद का कहना है कि आमजन को किसी तरह की चुनौती और परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन तत्पर है। समस्या के समाधान के लिए अधिशासी अधिकारी को पत्र जारी किया जाएगा।
वर्जन

कस्बे में नाले का नवनिर्माण कराया गया है। निर्माण के बाद कुछ स्थानों पर स्लैब तो लगाया गया लेकिन आज भी कई स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं। ऐसे में सुबह-शाम स्कूल आने-जाने वाले बच्चे कहीं इसमें गिरकर चोटिल न हो जाएं इसका हमेशा डर बना रहता है।
-आशीष अग्रहरि, नौतनवा कस्बा
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नाले पर लंबी दूरी तक चलने के दौरान बीच में अचानक गड्ढा या फिर उबड़-खाबड़ स्लैब आने से संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे लोग चोटिल हो जाते हैं। दिन में तो ठीक है लेकिन रात के अंधेरे में और विशेषकर नाले की स्थिति से अंजान राहगीरों के लिए यह खतरे की घंटी के समान है। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
-नफीस, नौतनवा कस्बा
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इस रोड पर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नाले का स्लैब टूटा होने के कारण हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी टूटा स्लैब ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। शायद उनको किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है।
-वीरेंद्र गुप्ता, निकट सदर कोतवाली

नाला खुला होने के कारण आसपास के लोग बदबू से परेशान रहते हैं। इसके चलते बीमारी का भी अंदेशा बना रहता है। वहीं हादसे का भी डर सताता रहता है। जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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-धीरेंद्र निगम, किराना व्यापारी शास्त्रीनगर
वर्जन
फरेंदा हाईवे पर सर्विस लेन के नाले की सफाई समय-समय पर होती है लेकिन यह बहुत पहले का बना है। इसकी जगह पर नया नाला जरूरी है लेकिन यह अनुमति एनएचएआई ही दे सकता। ऐसे में सफाई कराने तक ही हमारे अधिकार सीमित हैं। जहां के स्लैब टूटे हैं वहां जल्द बदल दिए जाएंगे।
-आलोक कुमार मिश्रा, ईओ, नगर पालिका परिषद, महराजगंज
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