महराजगंज। साइबर अपराधियों की नजर अब व्यापारियों पर है। थोड़ी सी चूक हुई तो खाता खाली हो जाएगा। फरेंदा क्षेत्र के कारोबारी रमेश के पास ठगों का फोन आया तो अचानक नेटवर्क गायब हो गया। ठगों ने सिम जनरेट करने की बात कहकर दो बार में खाते से 49,999 रुपये उड़ा दिए।
रमेश बताते हैं कि जागरूकता तो है। साइबर ठगों से सतर्क रहता हूं, लेकिन ऐसी घटना पहली बार हुई। एक सप्ताह पहले अचानक मोबाइल से नेटवर्क गायब हो गया। करीब 15 से 20 मिनट परेशान था। कुछ समझ में नहीं आ रहा था। इतने में एक संदेश मोबाइल पर दिखा। उसमें एक लिंक था, जिसमें क्लिक करने के लिए लिखा गया था।
इससे ई-सिम जनरेट होकर एक्टिव होने की जानकारी दी गई थी। ज्योंही लिंक पर क्लिक किया तो रकम खाते से कट गई। इसके बाद हाथ मलते रह गया। बाद में मोबाइल पर नेटवर्क भी आ गया। ऐसी ठगी पहली बार हुई। इसके बारे में जानकारी भी नहीं थी कि ऐसा भी हो सकता है। ऐसे जालसाजों से बचाव के प्रति साइबर सेल जागरूक करता है।
साइबर थाने में तैनात मुख्य आरक्षी सतेंद्र मल्ल बताते हैं कि अगर आपके सिम में नेटवर्क नहीं हैं, तो अगल-बगल संबंधित नेटवर्क को चेक कर टेलीकॉम कंपनी से वार्ता करते हुए सिम बंद करा दें। ताकि ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।
दूसरा मामला कोठीभार थाना क्षेत्र के रहने वाले ईट भट्टा संचालक दीपक के साथ हुआ था। छह मार्च को साइबर ठग का फोन आया। उसने दो ट्राॅली ईंट का पैसा भेजने की बात कही। उन्होंने बताया कि ठग ने गूगल में पेमेंट का रिक्वेस्ट भेजा, इस पर क्लिक करने पर 50 हजार रुपये उनके खाते से कट गए।
बाद में फोन करने पर काल कट जा रही थी। इसकी शिकायत साइबर थाने में की। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज ठगी करने के लिए तरह-तरह से हथकंडे अपना रहे हैं। कोई भी पेमेंट रिक्वेस्ट आने पर क्लिक नहीं करना चाहिए। रमपुरवा गांव के रहने वाले जय गोविंद ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड है। 26 मई 2024 को मोबाइल पर आईसीआईसीआई बैंक से फोन आया कि मैं आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बोल रहा हूं। कहा कि आप अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने के लिए आपके मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा जा रहा हूं, जिसे डाउनलोड कर आप अपने क्रेडिट कार्ड के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।
इसके बाद मोबाइल पर एप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजा गया, जिसे डाउनलोड कर लिया। इसमें मोबाइल हैक कर लिया गया। मोबाइल पर कोई मैसेज भी नहीं आ रहा था। इसी दौरान क्रेडिट कार्ड से 98029 रुपये और 101061 रुपये निकाल लिए गए।
बैंक से संपर्क करने पर पता चला कि ऐसा कोई भी फोन बैंक की ओर से नहीं किया गया था। टोल फ्री नं.-1930 पर काल करके शिकायत दर्ज करा दी है। मामले में उप निरीक्षक अमित यादव ने केस दर्ज होने की पुष्टि की।