गांव में इंटरलॉकिंग कराया नहीं, खर्च हो गए साढ़े चार लाख
लक्ष्मीपुर (महराजगंज)। क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोट कम्हरिया में पुराने ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा बिना इंरलॉकिंग कार्य कराए करीब साढ़े चार लाख धनराशि निकालने का मामला सामने आया है। वर्तमान ग्राम प्रधान इसरावती देवी ने बीडीओ पत्र देकर पुराने ग्राम प्रधान व सचिव पर धन हड़पने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर बीडीओ ने टीम गठित कर जांच करने का आदेश दिया था।
टीम की ओर से जांच करने पर मामला सही पाए जाने से गांव में हड़कंप मच गया है। ग्राम कोट कम्हरिया की ग्राम प्रधान इसरावती देवी ने पिछले दिनों खंड विकास अधिकारी अनिल यादव को पत्र देकर कहा है कि पूर्व में तैनात ग्राम सचिव रामपाल यादव व ग्राम प्रधान सुनीता देवी पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में रमेश के घर से असरफ के घर तक सड़क के लिए इंरलॉकिंग ईंट 149990 रुपये, भट्टे की ईंट 45000रुपये, सीमेंट व बालू 34500 रुपये, मजदूरी 19217 रुपये अगस्त 2020 में निकाले गए। इसी तरफ चौतरवा टोले पर गंगा के घर से नहर तक इंरलॉकिंग के लिए 200091 रुपये निकाले गए। कुल मिला कर करीब करीब साढ़े चार लाख ग्राम पंचायत के खाते से खर्च किए गए लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी उक्त मार्ग पर कोई कार्य नहीं कराए गए। ग्राम पंचायत की शिकायत पर बीडीओ ने टीम गठित कर मामले की जांच करने के आदेश दिए। जांच करने पहुंचे सचिव विनोद कुमार वर्मा ने शिकायत सही पाया गया। मौके पर कोई इंटरलॉकिंग नहीं मिला।
इस संबंध में तत्कालीन सचिव रामपाल यादव ने बताया कि अगस्त 2020 में ग्राम प्रधान सुनीता देवी के दबाव में इंटरलॉकिंग के 60 प्रतिशत धन निकाले गए थे, लेकिन कुछ दिन बाद ही उनका तबादला दूसरे ब्लॉक में हो गया। उधर, पूर्व प्रधान सुनीता देवी ने सभी आरोप को बेबुनियाद बताया है। गांव के वर्तमान सचिव विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान इसरावती देवी की शिकायत पर उक्त मामले की जांच की गई तो पाया गया कि मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया है जिसकी सूचना खंड विकास अधिकारी को दी गई है।
खंड विकास अधिकारी अनिल यादव ने बताया कि ग्राम प्रधान की शिकायत पर टीम गठित करके जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि कार्य का 60 प्रतिशत भुगतान तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा करा दिया गया था लेकिन मौके पर काम नहीं कराया गया। जिसे संबंधित लोगों को नोटिस देकर निर्देशित किया गया है कि जल्द ही उक्त कार्य पूर्ण करें। अन्यथा की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।