निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल वन रेंज के जंगलों से होकर बहने वाली टेल फॉल नहर की पटरी का वन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को निरीक्षण किया। उसके बाद भी टेल फॉल नहर पटरी की बोल्डर पिचिंग के लिए हो रहा खनन का कोई हल नहीं निकल सका। क्योंकि नहर पटरी की दोनों छोर की भूमि पर हक जमाने के लिए वन और सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अपना अपना नक्शा दिखा रहे थे। ऐसे में काफी देर बाद दोनों विभाग की टीम वापस लौट गई।
वन विभाग के मुताबिक जंगल के सेंचुरी वन क्षेत्र में दर्जीनियां ताल के बगल से होकर बहने वाली टेल फॉल नहर पटरी के दोनों छोर पर सिंचाई विभाग की ओर से अवैध तरीके से जेसीबी मशीन लगाकर खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं निर्माण कार्य के आड़ में मिट्टी का खनन कर बेचा भी जा रहा था। उक्त सूचना के बाद तत्काल मौके पर पहुंच खनन कर रही एक जेसीबी मशीन और चार लोगों को पकड़ लिया गया था। तभी से निर्माण कार्य और मिट्टी खनन का कार्य बंद है।
वहीं सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि बरसात के दिनों में बाढ़ से बचाव के लिए टेल फॉल नहर पटरी के दोनों तरफ बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। ताकि नहर पटरी से सटे गांव के लोगों को बाढ़ की पानी से बचाया जा सके। इतना ही नहीं विभाग की ओर से अपने नहर पटरी पर ही खनन कर कार्य कराया जा रहा है। फिर भी वन विभाग की ओर से रोका जा रहा है। वहीं दोनों विभाग के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में निरीक्षण कर भूमि से जुड़े नक्शा और कुछ साक्ष्यों को दिखाया गया है। फिर भी दोनों विभागों के बीच कोई समाधान नहीं निकल सका। इस दौरान सिंचाई विभाग खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता डीके वर्मा, सहायक अभियंता जेके मल्ल, रामप्रीत चौधरी जबकि वन विभाग के डीएफओ नवीन प्रकाश शाक्य, उप प्रभागीय आरसी मलिक, वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव मौजूद रहे।