महराजगंज /मिठौरा। रमजान महीने में जुमे की अहमियत और बढ़ जाती है। जिले की मस्जिदों में जुमे की नमाज के लिए हजारों रोजेदारों के सिर सजदे में एक साथ झुके। सुरक्षा के मद्देनजर जनपद के प्रमुख स्थानों पर पुलिस तैनात रही। अमन और शांति के लिए मस्जिदों में दुआ की गई। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा का विशेष इंतजाम रहा।
जनपद के निचलौल, ठूठीबारी, नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, पनियरा, फरेंदा, नौतनवा, धानी, लक्ष्मीपुर, बृजमनगंज, मिठौरा, सिंदुरिया आदि मस्जिदों में रमजान महीने के तीसरे जुमे की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज पढ़कर दुआ की। रमजान महीने के दूसरे अशरे (हिस्से) मगफिरत (गुनाहों से माफी मांगने) का रोजा चल रहा है। इस अशरे में रोजेदार रोजा रखकर अल्लाह से मगफिरत की दुआ मांग कर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करता है तो अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ कर उसकी मुश्किलों को दूर कर देता है।
निचलौल स्थित मस्जिद में मौलाना अनवारुल ने रमजान महीने के तीसरे जुमे की नमाज अदा कराई। तकरीर (संबोधित) करते हुए कहा कि इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने के दूसरे अशरे (हिस्सा) मगफिरत अर्थात अल्लाह से अपने गुनाहों से माफी का आज 15वां रोजा चल रहा है, जो भी मुसलमान रमजान के रोजे रखता है। सच्चे दिल से अपने गुनाहों (पापों) का प्रायश्चित करता है अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ कर देता है। रमजान के महीने में रहमत (दया) के दरवाजे खुल जाते हैं। इस अशरे में गुनाहगारों की तौबा कुबूल की जाती है। इसलिए इस अशरे में रोजेदारों को अल्लाह से अपने गुनाहों के लिए माफी मांगनी चाहिए। कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद ने बताया वह शख्स बदनसीब है जिसने माह-ए-रमजान को पाया और अपने रब को राजी न कर सका।
जिले में सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मी सतर्क रहे। शांति व्यवस्था बनी हुई है। प्रत्येक हलचल पर नजर रखी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है।
सोमेंद्र मीणा, पुलिस अधीक्षक