शव का पोस्टमार्टम होने के बाद स्वजन चौक ठेकी चौराहे के निचलौल मार्ग पर मंगलवार की देर रात से बुधवार की सुबह आठ बजे तक अपनी मांग को लेकर सड़क पर डटे रहे। पुलिस और लोगों के बीच नोकझोंक होती रही। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने काफी समझाया बुझाया और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया, तब जाकर लोग शांत हुए।
पुलिस की मौजूद में हुआ अंतिम संस्कार
अपर पुलिस अधीक्षक के समझाने बुझाने के बाद शव का भारी संख्या में पुलिस बल की उपस्थिति में दरहटा स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर पुलिस उपाधीक्षक सदर अनुज कुमार सिंह सहित थानाध्यक्ष निचलौल आनंद कुमार गुप्ता, थानाध्यक्ष चौक विजय बहादुर सहित अधिक संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की हत्या में शामिल किसी भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच करने के बाद हर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
10 वर्षीय बेटे ने पिता को दी मुखाग्नि
मृतक महातम मिश्र के दस वर्षीय बेटे आलोक मिश्र ने बुधवार को सुबह 11 बजे चौक थाना क्षेत्र के दरहटा शमशान घाट पर पुलिस की उपस्थिति में पिता के शव को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि देते ही वह फफक कर रोने लगा।
महातम मिश्रा की मौत सिर में ज्यादा चोट लगने के कारण हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है। मौत होने के कुछ और कारण दर्शाया गया है, लेकिन रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।
जमीन बैनामा करा लिया, रकम नहीं दी
नाथनगर गांव के रहने वाले महातम मिश्रा के पास करीब तीन एकड़ खेती थी। इस जमीन को बगैर रकम दिए ही बैनामा कराने का आरोप है। तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने जमीन बैनामा कराने के बाद रकम न देना पड़े, इसलिए महातम को मौत की नींद सुला दी। सिर के हिस्से पर गंभीर रूप से प्रहार किया गया था। मृतक का हाथ सूजा हुआ था। शव से बदबू आ रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि चार पांच दिन पहले ही मौत हुई होगी।
तीन वर्ष पहले महातम के पत्नी की हुई थी मौत
महातम मिश्रा (50) का विवाह मधुबनी गांव में हुआ था। तीन वर्ष पहले उनकी पत्नी की मौत बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। उनका एक आठ वर्षीय बेटा तथा एक छह वर्षीय बेटी है। मां के नहीं रहने के कारण दोनों बच्चे ननिहाल में नानी के साथ रहते है। महातम नशे का आदी था।