मुजहना में बिजली ठीक कराने के लिए एकत्र करना पड़ता चंदा
हैंडपंप खराब, गांव में वाटर सप्लाई की व्यवस्था भी नहीं
महराजगंज। शहर का दायरा तो बढ़ा दिया गया, लेकिन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बजट का इंतजार किया जा रहा है। जी हां, नगर पालिका महराजगंज का हिस्सा बन चुके मुजहना गांव की तस्वीर कुछ यही कहानी बयां कर रही। लोगों को मलाल है कि नगर का हिस्सा बनने के बाद भी जिम्मेदार बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।
मुजहना गांव में बिजली खराब होने पर लोग चंदा एकत्र कर उसे ठीक कराते हैं। एक ट्रांसफॉर्मर से 12 से अधिक लोगों को कनेक्शन दिया गया है। ओवरलोड होने के कारण लोक फाल्ट की समस्या बनी रहती है। यहां सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा है।
स्थानीय निवासी जलालुद्दीन ने बताया कि गांव में सड़क की दशा खराब है। बिजली खराब होने पर चंदा लगाकर सही कराना पड़ता है। पर्याप्त बिजली भी नहीं मिलती। समस्याओं को दूर करने के लिए जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। कमलावती ने बताया कि सड़क गड्ढायुक्त है। पोल पर स्ट्रीट लाइट नदारद हैं। रात में अंधेरे में आना-जाना पड़ता है। शहर का हिस्सा बनने के बाद भी सुविधाएं बढ़ी नहीं हैं। पहले जैसे था, वैसे ही आज भी व्यवस्था है।
मुकेश ने बताया कि गांव में बिजली के तारों का मकड़जाल है। इससे आए दिन गांव में बिजली खराब होती रहती है। चंदा एकत्र न हो तो बिजली की खराबी दूर नहीं हो पाएगी। कैलाश ने बताया कि जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं है। सफाईकर्मी गांव में आते ही नहीं हैं।
नगर पालिका में शामिल गांवों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, वहां जरूरी कार्यों को कराया जाएगा।
कृष्ण गोपाल जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका महराजगंज