महराजगंज जिले में भिटौली थाना क्षेत्र के अमवा भैंसी गांव में बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे धूईहर (मच्छर भगाने के लिए किया गया धुआं) से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इस आग में घिरकर मां-बेटे की मौत हो गई। गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के अनुसार, अमवा भैंसी गांव में कौशल्या देवी की झोपड़ी में धूईहर सुलगा (जलाया) हुआ था। इसी से चिंगारी निकली और आग लग गई। बताया जाता है कि कौशल्या देवी और उनका बेटा रामाआशीष बगल के पक्के मकान में सोए थे। झोपड़ी में मवेशी बंधे थे।
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धुईहर की चिंगारी से जब आग लगी तो कौशल्या देवी जगी और बेटे को साथ लेकर मवेशियों को झोपड़ी से निकालने लगी। आग की लपट इतनी तेज थी कि मां-बेटे दोनों झोपड़ी में घिर गए।
आसपास के लोग जब तक आग पर काबू पाने की कोशिश किए, तब तक दोनों की मौत हो गई। गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। थानाध्यक्ष सुनील कुमार राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।