महराजगंज। निचलौल थाना क्षेत्र के बूढ़ाडीह कला का रहने वाला मोहर्रम उर्फ राहुल खान गांव में शांत रहता था, लेकिन सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहता था। गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में रविवार भोर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार हुआ तो गांव के लोगों को उसके कारनामे की जानकारी हुई।
वह नाम बदलकर लड़कियों से दोस्ती कर उनको अपने जाल में फंसा लेता था। यही वजह है कि लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य बना। बूढ़ाडीह कला में रविवार को मोहर्रम उर्फ राहुल खान के घर सन्नाटा पसरा हुआ था। आसपास कोई नहीं था। घर में उसकी पत्नी नसीबून थी।
बताया जाता है कि मोहर्रम अपनी भोली-भाली सूरत से चकमा देने में कामयाब हो जाता था। सोशल मीडिया में उसके दोस्तों की लंबी लिस्ट है। खासकर युवतियां उसकी फ्रेंड लिस्ट में अधिक हैं। नाम भी उसका ऐसा है की कोई भी युवती उसकी जाल में फंस जाती थी।
बुढ़ाडिह कला गांव में वह बेहद शांत रहता था। गांव के लोगों से बहुत कम बातचीत करता था। उसके सोशल मीडिया एकाउंट को देखने के बाद पता चला की वह बेहद शातिर है। खासकर युवतियों को अपने बातचीत के जाल में फंसाकर उनकी जिंदगी को नर्क बना देता था। आरोपी मोहर्रम दिल्ली से लौटने के बाद घर पर ही चिकन का दुकान चलाने लगा।
आरोपी मोहर्रम के दादा को भी उसके काले करतूत की भनक नहीं थी। मोहर्रम की ओर से फेसबुक पर राहुल खान नाम से बने आईडी पर धार्मिक, प्रेमकथा सहित कई अन्य पोस्ट किए गए हैं। मोहर्रम की गिरफ्तारी को लेकर उसके परिजन कुछ न समझने की बात कहते हुए हताश हैं। वही गांव में उसके हर लोग पूरे प्रकरण को जाने की कोशिश में जुटे हैं।
सूत्रों से पता चला कि दिल्ली में रहने के दौरान आरोपी युवक मोहर्रम उर्फ राहुल खान की मुलाकात सन्नी नाम के एक शख्स से हुई थी। जो लड़कियों को राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में नौकरी की झांसा देकर बेचने का धंधा करने वाले गिरोह में शामिल था। सन्नी के संपर्क में आने के बाद मोहर्रम भी इस धंधे में लगा गया था।
निचलौल थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा के अनुसार मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी मोहर्रम उर्फ राहुल खान के नाम से थाने पर कोई केस दर्ज नहीं है।
करीब छह माह पहले दिल्ली से आया था घर
आरोपी के दादा इद्रीश उर्फ तल्ली मास्टर से बातचीत करने पर पता चला कि उनके पास कृषि के लिए कोई भूमि नहीं है। ऐसे में बेटा रियासत पत्नी जनातुन और तीन बेटे हजरत, अजमत और इरशाद के साथ दिल्ली में रहकर सिलाई का कार्य करते हैं। वही पर बड़ा पोता मोहर्रम उर्फ राहुल खान भी रहकर सिलाई का कार्य करता था। चार पोते में मोहर्रम सबसे बड़ा है। वह करीब छह माह पहले दिल्ली से घर आया था। उसके बाद दिल्ली नहीं गया। उसकी पत्नी नसीबून निशा और तीन बेटियां घर हैं। नसीबून ने बताया बृहस्पतिवार आधी रात में पुलिस घर आकर दरवाजा खोलने की आवाज लगाने लगी। इस दौरान वह पति और बच्चों के साथ बरामदे में ही सोई थी। दरवाजा खोली तो पुलिस पति मोहर्रम को पकड़ ले गई।