महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। मेले में समुचित इलाज नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी हुई। मेले में बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, दाद, खुजली, गैस, उल्टी-दस्त और हड्डियों में दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने मरीजों को जरूरी परामर्श दिए लेकिन कुछ मरीजों ने कम दवा मिलने की शिकायत की।
रुदलापुर पीएचसी पर सुबह 11:12 बजे डॉ. अमित कुमार मरीजों का इलाज करते नजर आए। ज्ञानती ने बताया कि उनके छह वर्षीय बेटे को बुखार, सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत है। दवा मिली है। ज्ञानती ने निराशा जताते हुए कहा कि दो बार से आरोग्य मेले में इलाज के लिए आई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आरती ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल होने के कारण हड्डियों में दर्द है। डॉक्टर ने केवल कैल्शियम की गोलियां दीं, दर्द से राहत के लिए कोई दवा दी गई।
लक्ष्मीपुर पीएचसी पर दोपहर 12:42 बजे डॉ. वैभव मरीजों का इलाज करते मिले। दयाराम ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण उन्हें दाद और खुजली की समस्या हो गई है। डॉक्टर ने एंटीबायोटिक दवाएं तो दीं लेकिन खुजली ठीक करने की क्रीम नहीं मिली। वहीं, कविता ने शिकायत किया कि उन्हें गैस और बुखार की समस्या है। डॉक्टर ने बुखार और गैस की दवाएं दीं। कोहड़वल पीएचसी पर डॉ. एसएन प्रसाद मरीजों का इलाज करते दिखे। मरीज दुर्गावती ने बताया कि उल्टी और दस्त की शिकायत है डॉक्टर ने कुछ दवाएं दीं हैं लेकिन ओआरएस पाउडर जैसी जरूरी दवा नहीं दी। मरीज गौरव ने बताया कि उनके पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए हैं। दवा मिली है।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. केपी सिंह ने कहा कि सभी चिकित्सकों को मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य
महराजगंज। डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने पीएचसी बागापार में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। मेले में स्टाफ की समय पर उपस्थिति और ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य है। उन्होंने अधीक्षकों से स्टाफ की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी तरह कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।