महराजगंज। किसानों को समितियों पर खाद लेने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। प्रशासन की ओर से सेंटरों पर उर्वरक उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन भीड़ बढ़ जाने और बदइंतजमी के कारण परेशानी हो रही है।
सहकारिता विभाग को नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड का 1053 एमटी यूरिया मिली है। इसे सभी समितियों पर भेजा गया है। शहर में मंगलवार को इफको किसान सेवा केंद्र पर किसानों की भीड़ लगी थी। यहां लोग यह जानकारी ले रहे थे की खाद कब मिलेगी। केंद्र पर 1354 बोरी यूरिया वितरित की जा चुकी है। अब यहां खाद आने का इंतजार किया जा रहा है।
यहां आए किसानों को जैसे ही पता चला की चिऊरहा समिति पर खाद उपलब्ध है तो वहां चले गए। समिति पर मिले केशव यादव ने बताया कि खाद के लिए परेशानी हो रही है। खाद समिति पर उपलब्ध है, लेकिन मिलने में समस्या हो रही है। भीड़ के कारण लंबी कतार हो रही है। समिति पर मिलने रामनरेश गौतम ने बताया कि सुबह आठ बजे ही इफको सेंटर पर आया था।
दो घंटे बाद पता चला की खाद नहीं है तो चिऊरहा समिति पर आया। यहां आने के बाद लोगों की भीड़ देखकर लग रहा है की खाद नहीं मिल पाएगी। विभाग का दावा है कि पकड़ी नौनिया, चीउरहा, पकड़ी खुर्द, दरौली, अहिरौली, बसवार, मुजुरी, भिटौली, हरखपुरा, कतरारी, सतगुरु, बेलवा टीकर, मधुबनी, चौमुखा, चौक, भुवनी, भागाटार, गोपाला समेत अन्य समितियों पर खाद है।
सहकारिता विभाग की 90 साधन सहकारी समितियां हैं। इनके अतिरिक्त इफको के 03 और पीसीएफ का 01 किसान सेवा केंद्र है, जिनके माध्यम से खाद का वितरण किया जा रहा है। निजी उर्वरक विक्रेताओं की ओर खाद की बिक्री की जा रही है।
परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के ग्राम पंचायत असुरैना टोला कुकेसर में स्थित साधन सहकारी समिति लिमिटेड तरैनी में यूरिया खाद की सूचना पर मंगलवार को किसानों की भीड़ जुट गई। सचिव ने बताया कि समिति पर आठ सौ बोरी यूरिया खाद आया हुआ जरूरत मंद किसानों को आधार व खतौनी के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। क्षेत्र के तरैनी, पिपरहिया, सेखुआनी, महरी, मरजादपुर,सेवतरी, परसामलिक, शिवपुरी, दोगहरा, विशुनपुरा, लुठहवा आदि गांवों के किसान पहुंचे। वहीं यूरिया खाद की समस्या से किसान परेशान किसान भगवंत,पवन यादव, प्रहलाद, मुन्ना, सहाबुद्दीन, राकेश, कमरूल खान ने बताया कि भीड़ के कारण परेशानी हुई।
साधन सहकारी समिति लिमिटेड तरैनी के सचिव धीरेंद्र सिंह ने बताया कि जरूरत मंद किसानों को आधार व खतौनी के माध्यम से खाद वितरित की जा रही है।