महराजगंज। शिक्षकों के वेतन व एरियर भुगतान में विभाग कर्मियों के मनमाने रवैये को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सीडीओ को 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
जिलाध्यक्ष ऋषिकेश गुप्ता ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त व लेखाधिकारी का प्रभार पंचायती राज विभाग के विश्वनाथ के पास है। उनके द्वारा जनवरी महीने से लगने वाले वेतन वृद्धि को समय से नहीं लगाया गया। अब उस राशि को एरियर के रूप में निकालने में हीलाहवाली की जा रही है। इसी प्रकार लोकसभा चुनाव के ड्यूटी में अनुपस्थित कर्मियों का वेतन काटकर सीडीओ के अनुमति के बिना वेतन देर से आहरित किया गया, जिससे अधिकांश शिक्षकों का लोन समय से जमा नहीं हो पाया। एरियर भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी से ऑफलाइन अग्रसारण कराया गया ताकि मनमानी की जा सके।
संघ का कहना है कि अधिकांश शिक्षकों के खाते से एनपीएस के लिए कटौती समय से प्रान के खाते में नहीं किया जा रहा है। ऑफलाइन सर्विस बुक से ही काम हो रहा है जबकि शासन का ऑनलाइन सर्विस बुक से काम करने का सख्त निर्देश है। वित्त लेखा विभाग द्वारा किया जा रहा यह कृत्य भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। उनके कृत्यों की जांच कर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाकर किसी दूसरे की वित्त व लेखा विभाग का प्रभार दिया जाए। इस अवसर पर महामंत्री लवकुश वर्मा, कोषाध्यक्ष बृजेंद्र पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष जलालुद्दीन अंसारी, संगठन मंत्री पवन कुमार शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।