दो साल में चंदन नदी की कटान से कई एकड़ खेत समा चुके हैं नदी में
नदी और भरवलियां ग्राम सभा के बीच महज 50 मीटर की दूरी, बाढ़ की विभीषिका से ग्रामीण चिंतित
ठूठीबारी। पिछले वर्ष आई बाढ़ में बसंतपुर गांव के पश्चिम चंदन नदी के कटान से करीब एक दर्जन किसानों के खेत नदी में समाहित हो गए थे। 15 जून से मानसून का सीजन शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन अभी तक विभाग ने बाढ़ रोधी कार्य नहीं कराए हैं। नदी का रुख गांव की तरफ देख किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। ऐसे में एक बार फिर बाढ़ का भी खतरा मंडरा रहा है।
निचलौल तहसील क्षेत्र के ठूठीबारी कस्बे से सटे पूरब दक्षिण चंदन नदी होकर बहती है जो भरवलियां, बसंतपुर, कटखोर, बोदना गांव के सिवान होते हुए मधवलियां रेंज के तरहवां जंगल में चली जाती है। बीते दो सालों से चंदन नदी की कटान से भरवलियां ग्राम सभा के टोला बसंतपुर के संतदेव पटेल, विश्राम वर्मा, राधेश्याम पासवान, राजमंगल पासवान, सुदर्शन पटेल, चंद्रभान यादव, बिहारी यादव, चंदूल यादव, पल्टू प्रजापति, सुरेश प्रजापति, मिथिलेश, राजकुमार, भुईलोट, रामशरण यादव, चकबहादुर यादव सहित अन्य किसानों के करीब 15 एकड़ खेत नदी में समाहित हो चुके हैं।
धीरे-धीरे कटान गांव की तरफ बढ़ता जा रहा है। कटान इतना तेज हुआ है कि गांव और नदी की दूरी महज 50 मीटर का फासला है समय रहते अगर प्रशासन की ओर से कटान स्थल पर ठोकर अथवा बांध का इंतजाम नहीं कराया गया तो बाढ़ के दिनों में चंदन नदी बसंतपुर गांव के लोगों के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है।
झरही नदी की कटान से खतरे में डगरुपुर मुख्यमार्ग का अस्तित्व
ठूठीबारी। नेपाल के पहाड़ों से होकर झरही उर्फ प्यास नदी बहती है। यह नौतनवां क्षेत्र के डगरुपुर गांव के पूरब सटे होते हुए मधवलियां रेंज के जंगलों में बहती है। पिछले वर्ष झरही नदी में आई बाढ़ की चपेट में आने से डगरुपुर-पडियाताल मुख्य मार्ग पर डगरुपुर पुल के दक्षिण पीपल के पेड़ के पास कटान हो गया था। इससे झरही नदी का किनारा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसका अब तक प्रशासन ने यहां मरम्मत कार्य नहीं कराया है। पीयूष यादव, दीपलाल यादव, अशोक चौधरी, राधेश्याम गुप्ता, सुनील, विनय, राजेंद्र भारती, रामकिसुन, भोलई आदि ने बताया कि बारिश के पहले झरही नदी के पश्चिमी किनारे स्थित सड़क कटान की मरम्मत नहीं हुई है। अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुआ तो मुख्यमार्ग नदी में विलीन हो जाएगा। इससे डगरुपुर, शीशगढ, नवडिहवां, खैरहवां जंगल, खैराटी, रुदलापुर, ढुमठवां, जिगिनिहवां, सीहाभार, पिपरहवां, भगतपुरवां आदि दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा। संवाद
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चंदन नदी के पूर्वी छोर पर मेरा चार एकड़ खेत था। डेढ़ एकड़ नदी में समाहित हो गया है। इस समय ढाई एकड़ बचा है। अगर समय रहते कोई उपाय नहीं किया गया तो अबकी बार अगर बाढ़ आई तो वह भी नदी में समा जाएगा।
-रामनरायण वर्मा, बसंतपुर
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कटान से चंदन नदी और बसंतपुर गांव के बीच की दूरी करीब 50 मीटर ही बचा है। संबंधित अधिकारियों को कटान स्थल के बारे में अवगत कराया गया है। अब तक संबंधित विभाग की ओर से कटान स्थल पर न तो ठोकर लगवाया गया और न ही बांध बनवाया गया।
-बैजनाथ यादव, ग्राम प्रधान भरवलियां
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बरसात के पहले नदी के कटान स्थल की मरम्मत कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। समय रहते कटान स्थल की मरम्मत करा ली जाएगी।
-सिद्धार्थ गुप्ता, एसडीएम, निचलौल