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Maharajganj News: एनसीईआरटी और एससीईआरटी के हवाले मदरसा शिक्षा

Mon, 28 Apr 2025 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। मदरसों की शिक्षा गुणवत्ता अब प्रमाणित रहेगी। मदरसा विद्यार्थी भी अब परिषदीय व माध्यमिक की तरह एनसीईआरटी व एससीईआरटी की किताबों से पढ़ाई करेंगे। पहली से तीसरी जमात तक एनसीईआरटी व इससे ऊपरी कक्षाओं में एससीईआरटी की किताबों से तालीम दी जाएगी।
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इसके आदेश सभी मदरसों को दिए जा चुके हैं। मदरसा शिक्षा को लेकर यह एक बड़ा और दूरगामी परिणाम माना जा रहा है। जनपद में 291 पंजीकृत मदरसों का संचालन है, जिसमें 20 हजार से अधिक विद्यार्थी तालीम प्राप्त करते हैं। अब तक मदरसों में धार्मिक शिक्षा पर अधिक जोर था, लेकिन अब गुणवत्ता पर फोकस है। तकनीकी शिक्षण के साथ आधुनिक विषयों में शामिल विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इतिहास जैसे विषय पहले से आधुनिक शिक्षा की तरह से प्रभावी किए।
अब कक्षा एक से तीन तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम प्रभावी कर दिया गया है। इसके अलावा भाषाई विकल्प दो से बढ़ाकर तीन किए गए हैं। पहले मुंशी और मौलवी डिग्री के लिए सिर्फ अरबी व फारसी की व्यवस्था ही थी, लेकिन अब संस्कृत को भी विकल्प के तौर पर मदरसा शिक्षा में जोड़ा गया है।
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इतना ही नहीं जिन मदरसों में संस्कृत शिक्षा विकल्प विद्यार्थी अपनाते हैं वहां के मदरसा शिक्षकों को मदरसा बोर्ड संस्कृत बोर्ड के सामंजस्य से प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगा। मदरसा शिक्षा में बदलाव से विद्यार्थियों को न सिर्फ आधुनिक स्तर की शिक्षा मिलेगी बल्कि संस्कृत के श्लोक भी गूजेंगे।

मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार की तरफ से सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी व एससीईआरटी पाठ्यक्रम प्रभावी किया गया है। मदरसा शिक्षा सत्र 2025-26 में इसी पाठ्यक्रम से शिक्षा देंगे। साथ ही अगर मदरसे में कोई बच्चा संस्कृत की पढ़ाई करना चाहता है तो वह विकल्प चयन कर सकेगा।
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-नीरज अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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