बागापार। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन चरित्र मानव जाति के लिए अनुकरण करने योग्य है। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन का प्रबंध इस प्रकार से किया है, जो प्रेरणा देता है कि एक आदर्श जीवन कैसे जिया जाए। उनके जीवन चरित्र से हमे अपने गुरुजनों और माता-पिता का सम्मान कर उनकी आज्ञा पालन करने, भाईयों से सच्चा प्रेम करने और विपत्ति के समय में अपने मित्रों की निस्वार्थ भाव से सहायता करने की सीख मिलती है।
यह बातें परासखांड़ में स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्री श्री शतचंडी महायज्ञ में प्रवचन करते हुए पंडित कृष्णमोहन तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि भगवान राम ऐसे आदर्श पुरुष हैं, जो अपनी प्रतिज्ञा व वचन पालन के लिए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं किए। अपनी शरण में आने वाले हर जीव को शरण देकर उसकी रक्षा का भार अपने उपर ले लिया। वे सत्य और धर्म पर दृढ रहते हुए नीति का पालन किए। श्रीराम की प्राप्ति से ही जीवन में सच्चे सुख और शांति की प्राप्ति हो सकती है। जो अपनी इच्छा को प्रभु की इच्छा के अधीन कर देता है। उसे लोक-परलोक के सभी सुख प्राप्त हो जाते हैं। इस प्रकार भगवान राम का जीवन संसार के समस्त मानव जाति के लिए एक आदर्श है। इस दौरान पूर्व प्रधान गणेश गुप्ता, संदीप जायसवाल, पंकज कन्नौजिया, परमहंस यादव, सोहन यादव, नेवास वर्मा आदि मौजूद रहे।