महराजगंज। परतावल क्षेत्र के बसहियां खुर्द और महुआ महुई में शुक्रवार को ग्राम चौपाल होना था। यह फाइलों में ही सिमट कर रह गया। मौके पर पंचायत भवन पर ताला लगा हुआ था।
आसपास के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। ग्राम प्रधान भी इससे बेखबर रहे। ग्राम चौपाल को लेकर गांव के लोगों ने जिम्मेदारों को उदासीन करार दिया।
ग्राम पंचायत बसहिया खुर्द, 11:22 बजे पंचायत भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला बंद मिला। बगल में टहल रहे घनश्याम ने बताया कि यहां कोई आयोजन नहीं किया गया है। चौपाल के बारे में ग्रामीणों को कोई सूचना नहीं मिली है। रामभवन ने बताया कि गांव में चौपाल लगता तो हर काम आसानी से हो जाता। ब्लाॅक कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ता। खेत में बोरिंग करवाने के लिए महिनों से चक्कर लगा रहा हूं। गांव में चौपाल नहीं लगा तो ब्लाॅक कार्यालय पर आया हूं। रामसकल ने बताया कि ग्राम चौपाल की जानकारी नहीं है। एडीओ पंचायत से मिलने के लिए तीन दिनों से ब्लाक का चक्कर लगा रहा हूं। बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए एक प्रार्थना पत्र पर एडीओ पंचायत का हस्ताक्षर करवाना है, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों के साथ साथ ग्राम प्रधान को भी चौपाल के बारे में कोई जानकारी नहीं है। बसहियां खुर्द गांव के प्रधान पति राकेश पटेल ने बताया कि उन्हें व ग्राम प्रधान इंद्रावती देवी को ग्राम चौपाल के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।
गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य नर्वदा निषाद ने बताया कि चौपाल की जानकारी हमें नहीं मिली है और ना ही कहीं कोई आयोजन किया गया है। अगर चौपाल लगाया जाता तो ग्रामीणों की समस्या का हल गांव में ही हो जाता।
वहीं राम अशीष का कहना है कि चौपाल की जानकारी गांव के किसी भी व्यक्ति को नहीं है।
ग्राम पंचायत महुआ महुई, 11 बजे ग्राम चौपाल का आयोजन नहीं हुआ था। लेकिन ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं थी। ग्राम चौपाल के आयोजन होने के तीन दिन पहले गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया जाना था। ग्राम प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि ग्राम चौपाल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। महुआ महुई के पूर्व ग्राम प्रधान सुदीष निषाद ने बताया कि हमें कोई जानकारी नहीं है।
यहां तक की गांव के सदस्यों को भी चौपाल की जानकारी नहीं दी गई थी। लगभग 12 बजे ग्राम सचिव गोपेश्वर पटेल से चौपाल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुछ ही समय पहले जानकारी मिली है। अभी जिले से निकलें हैं। गांव में पहुंचकर चौपाल लगवाया जाएगा।