लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर जंगल के आसपास स्थित ग्राम पंचायतों में तेंदुए की लगातार उपस्थिति से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। बीते रविवार की रात लक्ष्मीपुर क्षेत्र के धुसवा कला गांव के सिवान में एक तेंदुए को देखे जाने की सूचना मिली, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन ड्रोन कैमरों की मदद से तेंदुए की निगरानी और तलाश करता तो उसे पकड़ने में आसानी होती। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात गांव के कुछ लोग जब अपने घरों के बाहर टहल रहे थे, तभी उन्होंने अचानक तेंदुए को देखा। जैसे ही उन्होंने तेंदुए की मौजूदगी का एहसास किया, वे भागकर अपने घर में चले गए।
धुसवा कला के ग्राम प्रधान दीप नारायण ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना दो दिन पहले ही वन विभाग को दे दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि तेंदुए की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग इसे पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चला रहा। गांव के प्रभाकर मिश्रा, अतुल श्रीवास्तव, गुड्डू मिश्रा और रफीक अहमद सहित अन्य लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनकी सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी। यह पहली बार नहीं है, जब इस इलाके में तेंदुए को देखा गया हो। पिछले कुछ महीनों में कई बार तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है, लेकिन हर बार वन विभाग की निष्क्रियता के कारण ग्रामीणों को ही डर के साये में रहना पड़ता है।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करे और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए। इसके लिए वे ड्रोन कैमरा और पिंजरा लगाने जैसी रणनीति अपनाने की बात कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वे जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए उचित कदम उठाएं ताकि वे भयमुक्त होकर अपना जीवन जी सकें। अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण विरोध प्रदर्शन करने पर भी विचार कर सकते हैं। लक्ष्मीपुर वन क्षेत्राधिकारी वेदप्रकाश शर्मा का कहना है कि जल्द ही इलाके में एक टीम भेजकर तेंदुए को पकड़ने के लिए व्यवस्था की जाएगी।