लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज के जंगल के बाहर एक बार फिर तेंदुए के पदचिह्न देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। यह घटना ग्राम एकमा लक्ष्मीपुर के नजदीक हुई, जहां कुछ ग्रामीणों ने बुधवार को तेंदुए के पदचिह्न देखे। इसके अलावा कोल्हुई क्षेत्र के चैनपुर व भगीरथपुर में भी कुछ लोगों ने तेंदुए देखने की बाद कही है।
लक्ष्मीपुर जंगल के निकट स्थित ग्राम पंचायत एकमा लक्ष्मीपुर शकील अहमद के घर के पास तेंदुए के पदचिह्न देखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में तेंदुए की उपस्थिति दर्ज की गई है। हाल के दिनों में तेंदुए को कई बार जंगल से बाहर गांव के पास आते हुए देखा गया है। इससे स्थानीय लोग काफी चिंतित और भयभीत हैं। इसी तरह से भगीरथपुर, चैनपुर व मोगलहा में भी तेंदुए को ग्रामीणों ने देखने की बाद बताई है।
बताते चलें कि पिछले दिनों कोल्हुई थाना के मझौली गांव में मस्जिद में चार लोगों पर मादा तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद धरपकड़ में तेंदुए की मौत भी हो गई थी। लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही हैं। इसके बाद एकमा लक्ष्मीपुर के शकील के घर के पीछे तेंदुए के पदचिह्नों को ग्रामीणों ने देखा। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी वनकर्मियों सहित मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों से पूछताछ की, लेकिन तेंदुए का कहीं पता नहीं चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ भोजन की तलाश में जंगल के बाहर आया होगा। टीम ने गांव के आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले जंगल या गांव के किनारे न जाएं। बच्चों और पशुओं को घरों के भीतर सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा, गांव के पास गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक वे भय के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीपुर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि जहां भी तेंदुए के होने की खबर मिल रही है, वहां पर वनकर्मियों को भेजकर मौके का जायजा लिया जा रहा है। अभी तेंदुए का कहीं सुराग नहीं मिल सका है।