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Maharajganj News: लेखपालों ने भरी हुंकार, मांगें नहीं मानने पर 17 से बंद कर देंगे काम

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सदर तहसील में धरना देते लेखपाल। 
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सदर तहसील दिवस का बहिष्कार दिया धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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लेखपालों के प्रदर्शन के कारण कई फरियादियों को थाने से लौटना पड़ा निराश
महराजगंज। वर्षों से लंबित मामलों को लेकर शनिवार को जिले के लेखपालों ने कार्य बहिष्कार तहसील कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने प्रदर्शन के जरिये एलान किया कि अगर उनकी मांग मानी नहीं गई तो वे लोग 17 अक्तूबर से काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। इस दौरान तहसील से कई फरियादियों को मायूस होकर लौटना पड़ गया।
शनिवार को सदर तहसील में आयोजित जिलास्तरीय तहसील दिवस का बहिष्कार कर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने धरना दिया। जिलाध्यक्ष सूरज कुमार के नेतृत्व में लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्तूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सूरज कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग में लेखपालों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है लेकिन उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। संघ ने 2800 ग्रेड पे लागू करने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा आठ वर्ष से लंबित अंतर्मंडलीय तबादले शुरू करने तथा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग की गई।
लेखपालों ने नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी रखी। स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। इस दौरान महामंत्री ऋषिकेश शर्मा, सदर तहसील अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, कृष्णमोहन यादव, सुशील शुक्ला, सुनील यादव, मारुतिनंदन निगम समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन सीएम को संबोधित ज्ञापन
निचलौल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को निचलौल तहसील के लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की। तहसील अध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, वेतन विसंगति, पदोन्नति और अंतरमंडलीय स्थानांतरण जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन में मंत्री कमलेश कुमार, उपाध्यक्ष मंसूर अहमद खान, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, अमरेश कन्दू, विष्णु चंद यादव, अंशुमन महतो, अनिल सिंह समेत अन्य लेखपाल शामिल रहे।
लेखपालों ने समस्याओं का समाधान करने की मांग की
फरेंदा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील फरेंदा इकाई ने लंबित मांगों को लेकर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ ने मांगों का ज्ञापन एसडीएम प्रेम शंकर पांडेय को सौंपा। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने धरना में कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इस दौरान अध्यक्ष उपेंद्र नाथ त्रिपाठी, मंत्री अमित त्रिपाठी, राजेंद्र प्रताप चौधरी, गुलशन भारती, जितेंद्र कुमार, सूरज कुमार, सोनालिका,शिवम गुप्ता, पूर्णिमा गुप्ता, कुलदीप शर्मा, अमरेश, आशीष सिंह, शांत विजय सिंह, दीनदयाल आदि रहे।
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आठ अक्तूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
नौतनवा। अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, डीपीसी जारी करने, वाहन भत्ता वृद्धि एवं ग्रेड पे परिवर्तन समेत विभिन्न मांगों पर अब तक कोई अमल न होने के विरोध में शनिवार को लेखपालों ने तहसील में एक दिवसीय धरना देकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही 8 अक्तूबर से ऑनलाइन कार्यों का तथा 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी भी दी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर अभी तक नौतनवा क्षेत्र के 27 हल्कों पर ही कार्य बहिष्कार चल रहा था, किंतु अब आंदोलन तेज करने का समय आ गया है। धरना-प्रदर्शन कर अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया है। आने वाले 8 अक्तूबर से समस्त लेखपाल ऑनलाइन कार्यों का और उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्यों का बहिष्कार कर देंगे। इस दौरान लेखपाल रमेश गुप्ता, राहुल शर्मा, दीपेंद्र धवल, जहीरूद्दीन खान, मंजूर अली, कृष्णगोपाल, राघवेंद्र विश्वकर्मा आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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