महराजगंज। घुघली से आनंदनगर तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना के तहत दूसरे चरण में नौ गांवों में भूमि अधिग्रहण जल्द की जाएगी। रेलवे विभाग और भूमि अध्याप्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से इसके लिए मंथन शुरू कर दिया गया है।
होली के बाद अधिग्रहित भूमि के लिए एवार्डेड (मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया) तैयार करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके। जानकारी के अनुसार, जिले में नई रेलवे लाइन प्रस्तावित घुघली से आनंदनगर तक कुल 52.70 किमी लंबी रेलवे लाइन बिछाई जानी है। रेलवे विभाग ने इसके लिए परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है।
पहले चरण में 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इसमें अब तक 2,59,24,85,658 रुपये की धनराशि प्रभावित किसानों को वितरित की जा चुकी है। यह कुल अधिग्रहण का 59 प्रतिशत है। अब दूसरे चरण में नौ नए गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए फाइनल गजट जारी हो चुका है। भूमि अध्याप्ति विभाग और रेलवे विभाग की ओर से नौ गांवों और उसमें प्रभावित किसानों की पहचान कर ली गई है।
इनकी भूमि का रेल लाइन के लिए अधिग्रहित की जानी है। अब एवार्डेड बनने के बाद किसानों को मुआवजा राशि तय की जाएगी। यह राशि उनके भूमि मूल्यांकन के आधार पर दी जाएगी। रेलवे विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसमें मुआवजा निर्धारण के बाद प्रभावित किसानों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
इसमें खेत से संबंधित कागजात, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रतियां जमा करनी होगी। सत्यापन के बाद किसानों के बैंक खातों में सीधे मुआवजा राशि भेजी जाएगी। अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि सभी प्रक्रिया नियम के अनुसार पूरी की जा रही है। मुआवजा वितरण किया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण विभाग यहां होगा
रुद्रापुर – 0.8198 हेक्टेयर
रुदौली भावचक– 3.2360 हेक्टेयर
सिसवा अमहवा–4.8784 हेक्टेयर
पकड़ी नौनिया – 8.0467 हेक्टेयर
रम्हौली–1.1334 हेक्टेयर
कांध – 6.4227 हेक्टेयर
पिपरा रसूलपुर–3.5900 हेक्टेयर
जंगल दुधई उर्फ चेहरी–23.4341 हेक्टेयर (सबसे अधिक)
फरेंदा तहसील में–11.0461 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।