दशहरा से पहले सड़क खुलने की उम्मीद नहीं, हेतोडा-काठमांडो मार्ग पर बढ़ा ट्रैफिक जाम
सोनौली । त्रिशूली नदी में आई बाढ़ के बाद पृथ्वी हाईवे के धादिंग स्थित कृष्णभीर में भारी भूस्खलन से काठमांडो-मुगलिंग सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित हिस्से की स्थायी मरम्मत और पुनर्निर्माण में करीब एक वर्ष लग सकता है।
नागढुंगा-मुग्लिन सड़क परियोजना (पश्चिम खंड) के सूचना अधिकारी सचेन्द्र मिश्र ने बताया कि कृष्णभीर में नदी की सतह से ही बड़े पैमाने पर भूभाग खिसका है। इस कारण तत्काल सड़क बहाल करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान के लिए तकनीकी अध्ययन, विस्तृत डिजाइन और टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कृष्णभीर का भूस्खलन बेहद बड़ा है और नदी के सतह से ही भूभाग खिसका है। ऐसे में दशहरा से पहले इस स्थान से सड़क संचालन शुरू होने की संभावना नहीं है।
हाईवे बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। विशेष रूप से हेतोडा-काठमांडो सड़क खंड पर ट्रैफिक बढ़ने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सामान्य तौर पर करीब तीन घंटे में पूरा होने वाला हेतोडा-काठमांडो का सफर अब लगभग पांच घंटे का हो गया है। बढ़ते यातायात को नियंत्रित करने के लिए मकवानपुर पुलिस ने छोटी और बड़ी गाड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग तय कर ट्रैफिक प्रबंधन तेज कर दिया है।
एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों का प्राथमिकता के साथ आवागमन कराया जा रहा है। काठमांडो-मुगलिंग सड़क लंबे समय तक बंद रहने की आशंका के बीच संबंधित निकाय यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों की तलाश करके उनका तकनीकी अध्ययन कर रहे हैं।
भैरहवा में रोके गए काठमांडो जाने वाले 75 ट्रक
काठमांडो-मुगलिंग सड़क मार्ग पर कृष्णभीर में भारी भूस्खलन के बाद नेपाल पुलिस ने काठमांडो जाने वाले भारतीय मालवाहक वाहनों को भैरहवा सीमा पर रोक दिया है। नेपाल कस्टम कार्यालय के आगे सड़क पर करीब 75 ट्रक खड़े कराए गए हैं। सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण ट्रकों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। काठमांडो जाने वाले मालवाहक वाहनों को सड़क खुलने या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था होने तक सीमा क्षेत्र में ही रोककर रखा गया है।