मकर संक्रांति आज, गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में उमड़ेगी भीड़
महराजगंज। चौक बाजार स्थित गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। श्रद्धालु उत्साहपूर्वक वहां पहुंच भगवान शिव के दर्शन करेंगे तथा उन्हें खिचड़ी चढ़ाकर अपनी आस्था को दर्शाएंगे। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए तैयारी पूरी कर ली गई है।
चौक बाजार में खिचड़ी पर्व को लेकर कई दिनों से तैयारी चल रही है। मंदिर व उसके आसपास महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। परिसर में दुकानें भी सज गई हैं। पूजन सामग्री के साथ-साथ मिठाई व कास्मेटिक्स की दुकानें बड़ी मात्रा में लोगों के लिए लगाई गई हैं। जादूगर, झूले, मौत का कुआं, चरखी, टावर झूला, ब्रेक डांस झूला आदि को भी मंगा लिया गया है, जिसका लोग आनंद उठा सकें। गुरु गोरक्षनाथ मंदिर के पुजारी फलहारी बाबा ने बताया कि ठेकी चौराहे, ओबरी चौराहे व सोनाड़ी देवी मंदिर की तरफ से आने वाली सड़कों पर बेरिकेडिंग की गई है। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के भी काफी पुख्ता इंतजाम हैं। खिचड़ी चढ़ाने के लिए महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। महिलाओं से सम्बंधित दुकानों के पास महिला पुलिसकर्मी भी लगाई गई हैं।
प्राचीन है चौक स्थित गुरु गोरक्षनाथ मंदिर का इतिहास
नगर में स्थित गुरु गोरक्षनाथ मंदिर का इतिहास अति प्राचीन है। गुरु गोरक्षनाथ बाबा द्वापर युग में चौक बाजार से सटे नगवा सोनाड़ी जंगल में तपस्या कर रहे थे। तपस्या पूर्ण होने पर देश भ्रमण करने की उनकी इच्छा हुई तो भ्रमण करते हुए हिमांचल प्रदेश स्थित ज्वाला देवी के पास पहुँचे। माता ज्वाला देवी ने उन्हें प्रसाद ग्रहण करने को कहा तो गुरु गोरक्षनाथ माता ज्वाला से बोले कि हे माता आप खिचड़ी बनाने के लिए पानी गर्म करिए। मैं लोगो के घर से भिक्षा मांग कर लाऊँगा तो उसकी खिचड़ी बनेगी और प्रसाद ग्रहण करूंगा। उधर माता ज्वाला देवी खिचड़ी के बनाने के लिए पानी गर्म करने चली गईं, और गुरु गोरक्षनाथ भिक्षा मांगने चले गए। गुरु गोरक्षनाथ को लोगों ने माघ महीने के मकर संक्रांति के दिन अपने सामर्थ्य अनुसार चावल, दाल, नमक, तेल आदि सामग्री दी। तभी से गुरु गोरक्षनाथ में खिचड़ी चढ़ाने की परम्परा चली आ रही है। मंदिर के पुजारी फलहारी बाबा ने बताया कि आज भी ज्वाला देवी के मंदिर से सटे जगह खिचड़ी बनाने के लिए पानी खौलता रहता है।