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Maharajganj News: नेपाल से आ रहा कबाड़, धड़ल्ले से हो रहा सरहद के इस पार

Sun, 03 Nov 2024 04:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज/सोनौली। धंधेबाजों ने कबाड़ को मोटी कमाई का जरिया बनाया है। सीमावर्ती इलाकों में धड़ल्ले से खुली कबाड़ की दुकानों के जरिए तस्करी होने की बात कही जा रही है।
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नेपाल से सस्ते दर में कबाड़ लाकर भारतीय क्षेत्र में दोगुनी कीमत पर बेचा जा रहा है। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के रास्ते बड़े पैमाने पर लोहे का स्क्रैप (कबाड़) की भारतीय सीमा क्षेत्र में तस्करी की जा रही है। इस धंधे में तस्करों का बड़ा नेटवर्क जुड़ा हुआ है। इसका खुलासा तब होता है, जब सुरक्षा एजेंसियां कबाड़ की खेप बरामद करती है।
नेपाल से भारत में कबाड़ की बहुत डिमांड है, जिसके कारण प्रतिदिन नेपाल से कबाड़ की तस्करी हो रही है। तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो स्क्रैप नेपाली सीमाओं में कैरियरों के जरिये डंप किए जाते हैं। वहां से पगडंडी रास्तों से धीरे-धीरे करके साइकिल कैरियरों के जरिये भारतीय सीमा में स्थित कबाड़ की दुकानों पर पहुंचा दिए जाते हैं।
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इस अवैध कारोबार की रोकथाम पर सरहद की सुरक्षा एजेंसियां भी तैनात हैं। अभी बीते कुछ माह में सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर गांव स्थित रोहिन नदी के किनारे कबाड़ की दुकान में चरस की बड़ी खेप के पकड़ी गई। बरगदवां, ठूठीबारी, प्रसामलिक, निचलौल में कई ठिकाने है, जहां नेपाल से कबाड़ लाकर डंप किया जाता है।
कबाड़ की आड़ में मादक पदार्थ की तस्करी की जाती है। भारत और नेपाल के तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट नेपाल के विभिन्न स्थानों पर जर्जर फैक्ट्रियों को खरीद रहा हैं।
उन फैक्ट्रियों को तोड़कर लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े कर कैरियर के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाली सीमाओं में पहले कबाड़ को डंप कराते हैं, फिर मौका मिलते ही भारतीय सीमाओं में भेज देते हैं। कबाड़ के इस तस्करी के धंधे में भारत-नेपाल सीमा से सटे जनपद के सीमावर्ती गांव और कस्बे में करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें खुली हैं।
किसी भी दुकान का लाइसेंस भी नहीं है। सोनौली कोतवाली के फरेंदी तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर आदि पगडंडी रास्ते से बड़े पैमाने पर ठेले पर लादकर कबाड़ लाया जा रहा है। इसी तरह ठूठीबारी के लक्ष्मीपुर , बरगदवा, परसा मलिक और निचलौल के पगडंडियों से कबाड़ भारत में आ रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि कड़ी निगरानी के जरिए इस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है।
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