महराजगंज। जिले में संचालित किसी भी साधन सहकारी समिति पर खाद न होने की सूचना को चस्पा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें लापरवाही बरतने वाले उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। वहीं सचिवों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के मुताबिक, जनपद में उर्वरक की कमी नहीं है। भुगतान व डिमांड के आधार पर उर्वरक प्रतिष्ठान और समितियों पर इसकी उपलब्धता लगातार विभाग की तरफ से की जा रही। बावजूद समिति पर अक्सर ऐसी स्थिति होती है कि किसान सुबह से पहुंचकर खाद के लिए लाइन लगा देते हैं और खुलने के समय पता चलता है कि समिति पर खाद नहीं है। ऐसे में किसानों को मायूस लौटना पड़ता है। हालांकि विभाग का दावा है कि डिमांड के मुताबिक उपलब्धता लगातार सुनिश्चित हो रही, लेकिन डिमांड करने अथवा भुगतान में विलंब पर एक दो दिन ऐसी स्थिति हो सकती है। ऐसे में समिति पर खाद न होने की दशा में खाद नहीं होने की नोटिस चस्पा करते हुए अनुपलब्धता का बोर्ड लगाना जरूरी है। यह नियम उर्वरक प्रतिष्ठानों के लिए भी अनिवार्य है।
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सभी उर्वरक के प्रतिष्ठानों और सहकारी समितियों को खाद न होने की दशा में नोटिस बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। अनुपालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी