महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र की रोहिन नदी के किनारे चेहरी तटबंध की हालत ठीक नहीं है। सिंचाई विभाग सभी रेनकट और रैटहोल भरने का दावा कर रहा है, जबकि तस्वीर तटबंध की हकीकत बयां कर रही है।
सात किलोमीटर लंबे इस तटबंध में 12 से अधिक रेनकट बने हैं। नदी किनारे से कटान कर रही है। पानी का दबाव बढ़ा तो तबाही मच सकती है।
जानकारी के अनुसार, चेहरी तटबंध की सुरक्षा के नाम पर सिंचाई विभाग ने कुछ स्थानों पर औपचारिक मरम्मत कराई है। लोगों के मुताबिक केवल इक्का-दुक्का स्थानों पर मिट्टी की भराई कराकर कोरम पूरा किया गया है, जबकि अधिकांश हिस्सों की हालत ठीक नहीं है।
ग्रामीणों की माने तो जगपुर, सलामतगढ़, पिपरहवा, अवरहवा, आराजी सुबाइन, सोनराडीह, जिगिनिअहवा, मंगरहिया, कुड़िया, खालिकगढ़, बैरिअहवा, गौहरपुर, कोमरी टोला, तमकुहवा, मरचहवा, शनिचरहिया, सेमरहवा, अमहवा, रानीपुर, बिनहा छावनी, कुड़िअहवा, तेरहो टोला, दनदनहवा, मछरिअहवा, नवडीहवा, सुबेदारपुर, बीरबल टोला, भसहवा, करम टीकर, नवाबी, मठिया ईदू, विसौवा, रजापुर, तेंदुअहिया, कोदईपुर, गिदहा, रघुनाथपुर, केवलापुर खुर्द, नाथनगर, बेलवाकाजी और बेलासपुर सहित करीब 40 से अधिक गांवों के पास तटबंध पर रेनकट बने हैं।
वहीं नदी किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि हल्की बारिश में भी डर बना रहता है। नेपाल से पानी आने पर जलस्तर बढ़ने पर समस्या हो सकती है। खालिकगढ़ के विजय ने बताया कि बंधे पर ठीक ढंग से काम नहीं हुआ है। राम अवध, शिवप्रसाद और रमेश ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ से फसलें बर्बाद हो जाती हैं। समय रहते अगर जिम्मेदार ध्यान दे देते तो फसल बर्बाद नहीं होती।
धीमी गति से हो रहा बंधे पर काम : जिले में रोहिन नदी के बाएं तट पर स्थित चेहरी तटबंध के किमी 4.700 से किमी 5.180 के बीच काम किया जा रहा है। इसकी कुल लागत एक करोड़ 61 लाख 95 हजार रुपये प्रस्तावित है। हालांकि कार्य समय से शुरू कर दिया गया है, लेकिन उसकी गति काफी धीमी है।
निर्माण स्थल पर सीमेंटेड ढालू, बोल्डर पिचिंग और जियो बैग भराई हो रही है। चेहरी तटबंध के एक अन्य हिस्से में किमी 5.180 से आगे की लगभग एक किलोमीटर की लंबाई में टो वॉल निर्माण की योजना भी प्रस्तावित है। इस कार्य के लिए 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपये की लागत तय की गई है। अभी तक इसका कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।