महराजगंज। बकरी अनुदान मामले में तीन सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट अधूरी बताकर सीवीओ (मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी) डॉ. एजाज अहमद ने मंगलवार लौटा दिया। उन्होंने रिपोर्ट में बिंदुवार जानकारी और प्रामाणिक फोटो नहीं होने पर दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।
विभाग की मिलीभगत से वित्तीय सत्र 2025-26 में निराश्रितों के आय सृजन के लिए राज्य बकरी पालन योजना के तहत आवंटित धनराशि में खेल हुआ। आरोप है कि धानी ब्लॉक में पात्रों से मिलकर विभाग ने बिना बकरी पालन यूनिट स्थापित कराए ही योजना से मिली राशि का बंदरबांट कर लिया। यहां तक कि बकरियों की इयर टैगिंग लाभार्थियों के घर के आसपास वाले मवेशियों को लगा दिया गया।
अमर उजाला ने लगातार इस गड़बडझाले को प्रमुखता से उठाया। मामले को लेकर बेलसड़ बी पैक्स सभापति प्रदीप कुमार ने डीएम से शिकायत की। पांच जुलाई को सीवीओ डॉ. एजाज ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की। इस टीम में नौतनवां, फरेंदा व बृजमनगंज के पशु चिकित्सक शामिल थे। जांच टीम ने अपने विभाग को बचाने के लिए जांच में लेटलतीफी की और बिना शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाए ही लाभार्थियों का बयान दर्ज कर लिया था।
जांच के आखिर दिन टीम ने शिकायतकर्ता को बुलाकर बयान लिया। हालांकि शिकायतकर्ता ने भी जांच टीम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए असंतुष्टि पत्र सौंपा था। जांच टीम ने सोमवार मामले की रिपोर्ट सीवीओ को सौंपी थी।
रिपोर्ट को देखने के बाद मंगलवार सीवीओ ने इसे वापस जांच टीम को लौटा दिया।
साथ ही दोबारा जांच के निर्देश देते हुए बिंदुवार जांच रिपोर्ट और लाभार्थियों के यूनिट की प्रमाणिक तस्वीरें उपलब्ध कराने को कहा।