महराजगंज। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी को अचानक पहुंचने से कार्यालय में अफरातफरी मच गई। सभी कर्मी भाग कर अपने पटल पर पहुंचने लगे।
पूछताछ में सामने आया कि कार्यालय में केवल दो लिपिक मुकेश यादव और अश्विनी पांडेय उपस्थित हैं। वरिष्ठ सहायक शिवरतन लाल सहित अन्य लिपिक अनुपस्थित मिले। पीटीओ जीत बहादुर सिंह के बारे में बताया गया कि परतावल क्षेत्र में चेकिंग अभियान में हैं। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बिना सूचना अनुपस्थित लोगों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में सफाई और अभिलेखों के अव्यवस्थित रख-रखाव को लेकर फटकार लगाई। कार्यालय परिसर में अभिलेखों को बेतरतीब ढंग से रखे जाने को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि यह रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों की उपेक्षा व शिथिलता का द्योतक है और इसको कत्तई स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने आरटीओ गोरखपुर व प्रभारी एआरटीओ को कड़े निर्देश देते हुए तत्काल कार्यालय को व्यवस्थित करने और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि सभी कार्य पारदर्शिता से हों और कार्यालय को बिचौलियों से मुक्त रखें।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में निरीक्षण के दौरान आवेदनकर्ताओं से बात की और कर्मचारियों से कार्य प्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने पंजीकरण, लाइसेंस, वाहन फिटनेस आदि सेवाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि अगर आगे से कार्यालय में किसी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने डिप्टी कलेक्टर मुकेश सिंह को कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव के संदर्भ में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने और एआरटीओ कार्यालय की नियमित मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया।