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Maharajganj News: भरा संक्रामक रोग वार्ड...26 बेड पर 38 मरीज भर्ती

Fri, 16 May 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में भर्ती मरीज।
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महराजगंज। जिला अस्पताल का संक्रामक रोग वार्ड मरीजों से भर गया है। 26 बेड पर 38 मरीज भर्ती हैं। 16 डायरिया के हैं। गर्मी के प्रभाव के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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15 मरीज उल्टी और बुखार से पीड़ित भर्ती हैं। वहीं अस्पताल में अलग से हीटवेव वार्ड बनाया है। इसके अलावा सीएचसी पर अलग वार्ड बने हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओर से 726 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इसमें उल्टी, डायरिया और बुखार के मरीज अधिक रहे। डॉक्टरों ने जांच के बाद सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती किया। ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही।
दूसरी ओर पैथोलाजी में जांच के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। एक्स-रे और अल्ट्राॅसाउंड कक्ष के सामने भी मरीज परेशान रहे। यही हाल सीटी स्कैन कक्ष के पास भी रहा। संक्रामक रोग वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। यहां मिले तीमारदार रामकेश ने बताया कि बेड कम है। इस वजह से थोड़ी समस्या है। डॉक्टर समुचित ढंग से इलाज कर रहे हैं।
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दरहटा गांव की सुधा ने बताया कि चार दिन से आठ माह की बेटी शौम्या को बुखार आ रहा है। उसे खून की कमी है। छापिया गांव की गुड़िया ने बताया कि बेटे शिवम को उल्टी दस्त और बुखार है। बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे भर्ती कराया गया है। सरडिहा गांव की सुमन ने अपने बेटे अभि डेढ़ साल को भर्ती कराई है।
उसे उल्टी, दस्त और बुखार है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह 10.30 बजे भर्ती कराया गया है। रामपुरमीर गांव की विनीता ने बताया कि बेटी संजना को उल्टी, दस्त हुई। सुबह से ही समस्या बढ़ गई। जिला अस्पताल लेकर आई तो डॉक्टर से जांच के बाद भर्ती कर दिया।
डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि जरूरी होने पर ही सुबह 10 बजे से शाम चार बजे के बीच घर से निकलें। खासतौर से बुजुर्ग और बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी है। इस मौसम में डायरिया और बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और बासी खाना और दूषित पानी का सेवन न करें।
शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में अलग से हीट वेव वार्ड बना है। इसमें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भर्ती मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है।

सीएचसी में चार और पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला अस्पताल में आठ, सीएचसी में चार और पीएचसी में दो-दो बेड आरक्षित हैं। 17 सीएचसी और 40 पीएचसी पर अलग से कोल्ड रूम बनाया गया है। सीएचसी और पीएचसी परिसर में छायादार स्थान बने हैं। ताकि तीव्र गर्मी में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित व आरामदायक स्थान पर बैठ सकें। इसके अतिरिक्त, सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर है। यहां आने वाले मरीजों को ओआरएस घोल निशुल्क दिया जा रहा है। जिले भर की एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
लू लगने के लक्षण
गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, यूरिन न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं।
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ऐसे करें बचाव
-पर्याप्त पानी पीएं, भले ही प्यास न लगे।

-खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस, लस्सी, नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें।
-हल्के वजन, हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें।

-अपना सिर ढकें। कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें।
-जरूरत पड़ने पर ही दिन में घर से बाहर निकलें।
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