भारत में अंतरिक्ष की उड़ान क्यों और कैसे विषय पर हुई चर्चा
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. सीएम नौटियाल ने किया संबोधित
महाराजगंज। जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं महोत्सव कार्यक्रम में ''भारत में अंतरिक्ष उड़ान क्यों और कैसे'' विषय पर चर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. सीएम नौटियाल ने पीपीटी के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष में उड़ान, आत्मनिर्भरता तकनीकी, आत्मनिर्भरता सामरिक शक्ति और वैज्ञानिक शोध के उद्देश्य से की जा रही है। जिसे इसरो अपने कम लागत वाले विश्वसनीय रॉकेटों और गगनयान जैसे मानव-मिशनों के जरिए पूरा कर रहा है। यह यात्रा राष्ट्रीय गौरव और भविष्य के लिए ''''आत्मनिर्भर भारत'''' का सपना है। इस अवसर पर आयोजित विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में जनपद के 20 इंटर कॉलेज के 35 मॉडल प्रदर्शित किए गए। इनको नौटियाल सहित प्रबंधक डॉक्टर बलराम भट्ट, डॉ. अजय कुमार मिश्रा, विजय बहादुर सिंह आदि ने सराहा। विज्ञान मॉडल उद्बोधन के बाद प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के 15 विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल पहनकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ. शांति शरण मिश्र ने किया। स्वागत प्रचार डॉ. अजय कुमार मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विपिन यादव ने किया।
कवियों ने लोगों को गुदगुदाया
महराजगंज। जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में दो दिवसीय सांझ कार्यक्रम में शनिवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने एक से बढ़कर एक कविता सुनाकर लोगों को लोटपोट कर दिया। आंबेडकरनगर के अभय सिंह निर्भीक ने भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे... कविता सुनाई। जबकि गोरखपुर की डॉ. चारुशीला सिंह ने मरते रहे हैं इस धरा पे मरेंगे हरदम, सद्भाव शांति का ही सदा गाएंगे सरगम...सुनाया। झारखंड के नीलोत्पल मृणाल ने वहीं उस दौर का जादू क्या जाने ये रील बनाने वाले लड़के...सुनाकर लोगों को गुदगुदाया। कवि सम्मेलन देर रात तक चलता रहा। ब्यूरो