सूत्रों के मुताबिक, यह नेपाल पैरा ओलंपिक कमेटी का महासचिव था। जिसमें उसे अमेरिका जाने का मौका मिला। वहां से लौटने के नौ साल बाद वह ऑन अराइवल वीजा लेकर सिंगापुर पहुंचा। वहां से वह मैक्सिको से अमेरिकी देश बेलीज के रास्ते अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में दाखिल हुआ और शरणार्थी आवेदन जमा करने के बाद अमेरिकी नागरिक बन गया।
उसके बाद, हस्त गौतम नेपाल में माओवादी सशस्त्र संघर्ष से प्रभावित रुकुम, रोल्पा और डांग शहर के लोगों को अवैध प्रवेश में सक्रिय रहा है।
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आरोपी हस्त गौतम नेपालियों को अमेरिका में ठहराने के लिए दुबई, थाईलैंड, फिलीपींस, जाम्बिया, सिंगापुर, हांगकांग और अन्य देशों में ले जाता था। शिकायत पर नेपाल पुलिस ने मानव तस्करी और संगठित अपराध के पांच मामले दर्ज किया। जांच के दायरे में आए कमल तमांग के मामले की जांच के दौरान जानकारी मिली कि गौतम मानव तस्करी का मुख्य योजनाकार था।
मैक्सिको को अपना बेस एरिया बनाकर वह नेपाल, दुबई, सिंगापुर, फिलीपींस, थाईलैंड, श्रीलंका, कंबोडिया और लैटिन अमेरिका में एजेंट तैनात कर अवैध मानव तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। ब्यूरो में गौतम के खिलाफ पांच अलग-अलग मामले दर्ज है और छह पीड़ित है। गौतम ने विदेश में जिन दो लोगों को यह कहकर बंधक बना लिया था कि उन्हें अमेरिका ले जाएगा, उन्हें अभी तक बचाया नहीं जा सका है।
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पुलिस उपाधीक्षक ज्ञान बहादुर बिस्ता ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि गौतम द्वारा 200 से अधिक नेपालियों को अवैध रूप से अमेरिका में पहुंचाया गया है। जांच चल रही है कही यह भारत का रास्ता प्रयोग कर मानव तस्करी तो नहीं कर रहा था। इसके और सहयोगियों की तलाश जारी है।