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Maharajganj News: नहीं खुलता अस्पताल का ताला, रजिस्टर में चल रही ओपीडी

Fri, 10 Jan 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के दुर्गम इलाकों में बसे सोहगीबरवा, भोतहा और शिकारपुर गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी के चलते यहां पर संचालित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का करीब चार माह से ताला नहीं खोला गया है।
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जिम्मेदारों के रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों के अनुसार हर माह ओपीडी में करीब 150 मरीजों की जांच कर दवा वितरित की जाती है।
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर बैठे ग्रामीण रामायन सहानी, रामबेलास, रिखई, रामसवारे चौहान आदि ने बताया कि सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा गांव के साथ ही इनके करीब आठ टोले नारायणी नदी और सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के घने जंगलों से घिरा हुआ है। ऐसे में इन बस्तियों में निवास करने वाली करीब 25 हजार लोगों की स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर टिकी हुई है, लेकिन यह विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी के चलते उक्त अस्पताल का ताला पिछले चार महीनों से खुलता ही नहीं है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पाने के लिए 30 से 35 किलोमीटर दूर बिहार राज्य के वाल्मीकि नगर और बगहा के अस्पताल में जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल पर तैनात जिम्मेदार महीने में एक दिन आते है। जहां पर रात रुककर फाइलों को दुरुस्त करने के बाद लौट जाते हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. हरेंद्र प्रसाद जैसवार ने बताया कि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल सोहगीबरवा में एक फार्मासिस्ट की नियुक्त है, जिनकी सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी है। ि
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