महराजगंज। पिछले दिनों से कड़ाके की ठंड और कोहरा पड़ रहा है। कोहरे का सर्वाधिक असर तिलहन की खेती सरसों पर पड़ने की संभावना है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
दिसंबर के आखिरी सप्ताह से बिगड़े मौसम से लगातार ठंड बढ़ती जा रही है और कोहरा भी घना हो रहा है। मौजूदा समय में सरसों में फूल आ गए हैं। कोहरा और पाले से फूल गिरने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। जनपद में तिलहन का अच्छा खासा रकबा है। मौजूदा समय में 26760 हेक्टेयर रकबे में सरसों ही फसल बोई गई है।
किसान राधेश्याम चौधरी, अजय पटेल, संजय मालवीय व गणेश तिवारी का कहना है कि अबतक के मौसम के लिहाज से सरसों की फसल ठीक थी, लेकिन पिछले 10 दिन से बढ़ती ठंड और कोहरे से उत्पादन का ग्राफ गिरेगा, क्योंकि सरसों के फूल गिर जा रहे हैं। इसी प्रकार तीन हजार हेक्टेयर में आलू बोया गया है। कोहरे से आलू को भी नुकसान है। साथ-साथ अन्य सब्जियों पर भी इसका असर पड़ेगा।
कोहरे की अधिकता से पौधों की आंतरिक क्रियाएं प्रभावित होती हैं। कोहरा कई दिनों तक छाए रहने और हवा में ज्यादा नमी से सरसों, आलू, बैंगन, टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी को झुलसा से नुकसान होगा। चेपा कीट, रतुवा रोग, मटर में सफेद चूर्ण से फली में दाना हल्का होगा। यह मौसम गेहूं उत्पादन के लिहाज से अनुकूल है।
-वीरेंद्र कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक