महराजगंज। वायरल बुखार से स्वस्थ होने के बाद हार्मोनल असंतुलन के कारण लोगों को 15-20 दिन तक भूख नहीं लग रही है। सही से खाना न खाने से कमजोरी, थकान और पोषक तत्वों की कमी होने पर शरीर कमजोर होने से पाचन क्षमता कमजोर होना, चिड़चिड़ापन, गुस्सा आना और बेचैनी की परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 10 से 12 मरीज इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज बुखार का इलाज कराने आ रहे हैं। अगर बच्चों की संख्या भी शामिल कर ली जाए तो यह आंकड़ा करीब 200 हो रहा है। करीब 10 से 12 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद भी भूख नहीं लगने की परेशानी हो रही है। इन मरीजों को डॉक्टर खान-पान में सुधार करने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. एवी त्रिपाठी का कहना है कि हार्मोंस हमारी भूख को भी नियंत्रित करते हैं। ऐसे में हार्मोन असंतुलन भूख न लगने का कारण बनता है। इसके अलावा बीमारी, तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्थितियां भी भूख के कम होने का कारण बन सकती हैं। इसमें बुखार के अलावा शारीरिक समस्याएं जैसे कि थायराइड परिस्थिति, मधुमेह, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल भी कारण बनते हैं। डॉ. एवी त्रिपाठी का कहना है कि बुखार होने पर दी गई कुछ दवाइयों से भी भूख न लगने की परेशानी बढ़ सकती है।
इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
आहार में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फैट के संतुलित मात्रा में होने का ध्यान रखें। नियमित व्यायाम शरीर के इंसुलिन स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। मधुमेह के लिए निर्धारित दवाओं का सेवन करना भूख को बढ़ा सकता है। रक्त शर्करा स्तर की निगरानी करें और उसे नियमित अंतराल पर जांचें।
अक्सर खाने की आदतों को बदलने
डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अक्सर खाने की आदतों को बदलने से भी भूख में सुधार हो सकता है। शरीर को आराम देने से भूख में सुधार होता है। ज्यादा से ज्यादा आराम करें। नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ रहता है। व्यायाम करने से शरीर खून को धीरे-धीरे अधिक ऑक्सीजन देता है, जिससे खाने के प्रति रुचि भी बढ़ती है। दूध में विटामिन डी होता है जो भूख में सुधार करता है।