नेपाल आठ स्थानों पर बन रहा ‘होल्डिंग सेंटर’
महराजगंज। कोविड-19 संक्रमण के जोखिम को रोकने और कम करने के उद्देश्य से नेपाल प्रशासन भारत नेपाल सीमा पर आठ अलग-अलग स्थानों पर ‘होल्डिंग सेंटर’ का निर्माण कर रहा है। निर्माण कार्य की नवीनतम प्रगति अब तक 60 प्रतिशत से अधिक है। वित्त मंत्रालय के चालू वित्त वर्ष पहली तिमाही समीक्षा में थल सेनाध्यक्ष प्रभुराम शर्मा ने रविवार को बताया कि निर्माणाधीन सात ‘होल्डिंग सेंटर’ का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। सरकार ने कंचनपुर के गड्डा चौकी, कैलाली के गौरीफांटा, झापा के कंकड़विट्टा, मोरंग की रानी, कपिलवस्तु के कृष्णनगर, परसा के बीरगंज, नेपालगंज के बांके और रूपनदेही के बेलहिया में कम से कम 1,000 क्षमता के ‘होल्डिंग सेंटर’ बढ़ाने का फैसला किया था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूपनदेही के बेलहिया में जमीन की कमी के चलते अब तक काम आगे नहीं बढ़ पाया है। इस परियोजना को 2 अरब रुपये की लागत से पूरा करने का लक्ष्य है।
भारतीय पर्यटकों को सुविधा बढ़ाने की प्राथमिकता : मनिराम
महराजगंज। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के डायरेक्टर मनिराम लामीछाने ने भैरहवां कार्यक्रम के दौरान रविवार को नेपाल पर्यटन की बेहतर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण नेपाल पर्यटन की अर्थ व्यवस्था पटरी से उतर गई जिससे पर्यटन से जुड़े कर्मचारी बेरोजगार हो गए। कर्मचारियों को रोजगार के लिए यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम के सहयोग से जीविकोपार्जन प्रोजेक्ट शुरू किया है। जिसमें एक लाख कर्मचारियों को रोजगार देना है। इसके तहत 3200 लोगों को अभी तक रोजगार दिया गया है। प्रोजेक्ट पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कोविड के पहले करीब 3 लाख भारतीय पर्यटक हवाई मार्ग से और स्थल मार्ग से 20 लाख भारतीय पर्यटक एक साल में नेपाल आते थे। 14 से 16 दिसंबर पर नेपालगंज में पर्यटन बोर्ड वेस्टन टावर प्रोग्राम कर रहा है जिसमें भारत के ट्रेवल से जुड़े 20 कंपनियों के सीईओ हिस्से लेंगे।