महराजगंज। होली के त्योहार में अब गिने-चुने दिन शेष हैं। बाजार में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रासायनिक रंग व गुलाल की जगह कारोबारी हाथरस से हर्बल रंग-गुलाल मंगा चुके हैं। इसके रेट अधिक तो हैं लेकिन यह त्वचा के लिए मुफीद होने के कारण खूब बिक रहे हैं।
सदर हनुमान गढ़ी के निकट संतोष रंग व गुलाल के पुराने कारोबारी हैं। उनका स्टाल सज चुका है। उन्होंने बताया कि इस बार पुराने रासायनिक रंग-गुलाल लाने की जगह उन्होंने हाथरस से हर्बल रंग व गुलाल मंगाया है। यह रासायनिक रंग गुलाल से कुछ महंगा जरूर हैं लेकिन त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने आगे बताया कि 70 हजार के रंग-गुलाल इस बार मंगाया है। बलिया नाला के निकट मंजेश गुप्ता की दुकान है। वे बताते हैं कि हर्बल रंग टेसू फूल से तैयार किए जाते हैं। इसकी सबसे छोटी डिबिया 25 रुपये में बिक रही है। इसी तरह गेंदा व गुलाब के फूलों से तैयार गुलाल की खुशबू लोगों को खूब भा रही है। इसका छोटा पैक 20 रुपये का बिक रहा है। इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है।