हेल्थ सुपरवाइजर एक महीने से गैरहाजिर
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में मरीजों बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है। यहां आनेवाले रोगियों को सिर्फ परामर्श देकर भेज दिया जाता है लिहाजा उन्हें बाहर से दवा लेनी पड़ती है। जबकि अस्पताल में कार्यरत हेल्थ सुपरवाइजर एक माह से गैरहाजिर चल रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की शनिवार को पड़ताल हुई तो खामियां खुलकर सामने आईं।
शनिवार की सुबह 11:16 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में डॉ. प्रमोद यादव ओपीडी में मरीजों को देखते मिले। प्रभारी अधीक्षक कक्ष में नहीं मिले। पूछने पर पता चला प्रभारी अधीक्षक अवकाश पर हैं। एलटी प्रकाश पटेल अपने सहयोगियों ओम प्रकाश, ओमकार शर्मा के साथ कोरोना सैंपलिंग करते हुए नजर आए। एलटी मनोज कुमार की ड्यूटी चौक पीएचसी पर लगने के कारण सीएचसी पर उपस्थित नहीं थे। दवा वितरण कक्ष में चन्द्रजीत सिंह मिले। उन्होंने बताया कि तीन महीने की ट्रेनिंग पर हूं। फार्मासिस्ट मोहम्मद तजमुल, ओमकार शर्मा के साथ ड्यूटी करते नजर आए। हरपुर खुर्द निवासिनी युवती शोभा ने बताया कि बुखार हो जाने के कारण अस्पताल में इलाज कराने के लिए आई हूं। बाहर से दवा खरीदना पड़ा है। इलाज कराने आई महिला सुमन का कहना है कि अस्पताल परिसर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यहां आकर दवा बाहर से खरीदना पड़ता है। सीएचसी मिठौरा में 45 कर्मचारी हैं। हेल्थ सुपरवाइजर एक महीने से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं।
प्रभारी अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है। अस्पताल में मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए दवा का छिड़काव किया जाता है। वर्तमान समय में जो संसाधन उपलब्ध है उससे बेहतर ढंग से कार्य करने का प्रयास जारी है। बाहर से किसी को दवा नहीं लिखी जाती है।