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Maharajganj News: जीएसटी इंटेलिजेंस टीम नेपाल सामान भेजने वाले गिरोह की कर रही तलाश

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सर्च वारंट लेकर पहुंची सोनौली छापेमारी के बाद एक को उठाया
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10 घंटे की छापेमारी के बाद जांच टीम ने जब्त किए कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और लेनदेन से जुड़े अभिलेख
सोनौली। जीएसटी इंटेलिजेंस लखनऊ की टीम ने सोमवार को सर्च वारंट के साथ सोनौली कस्बे के एक ट्रांसपोर्ट पर 10 घंटे तक छापेमारी की। संचालक को नौतनवा आवास से हिरासत में लेकर टीम ने कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, जीएसटी रिटर्न व बैंक लेनदेन से जुड़े अभिलेख जब्त कर लिए। मामले में फर्जी बिलिंग व करोड़ों के रिफंड घोटाले की आशंका व्यक्त की जा रही है। जांच टीम मामले में नेपाल सामान भेजने वाले गिरोह की तलाश कर रही है।
छापेमारी के बाद सोनौली कस्बे के एक दर्जन से अधिक ट्रांसपोर्ट कार्यालय बंद हो गए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ ट्रांसपोर्ट संचालक नेपाल के नाम पर माल लाकर सोनौली गोदाम में उतार देते हैं और पगडंडियों के रास्ते उसे नेपाल भेज देते हैं। उसके बाद जीएसटी रिफंड के लिए लग जाते है।
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सोमवार को भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील कस्बा सोनौली में उस समय हड़कंप मच गया, जब डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) लखनऊ की टीम ने एक ट्रांसपोर्ट फर्म पर छापेमारी की। करीब दस घंटे तक चली सघन छापेमारी के बाद टीम ने ट्रांसपोर्ट संचालक युवक को हिरासत में ले लिया और कार्यालय से कम्प्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क तथा महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज सीज कर अपने साथ ले गई।
एसआईओ केएम यादव के नेतृत्व में पहुंटी डीजीजीआई की टीम ने सबसे पहले ‘देवकीनंदन ट्रांसपोर्ट’ कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर अंदर-बाहर की गतिविधियों को नियंत्रित किया और दस्तावेजों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में संबंधित संचालक बंटी सिंह के मौके पर न मिलने पर अधिकारी सीधे नौतनवा स्थित उसके आवास पर पहुंचे और वहां से हिरासत में लेकर पुनः सोनौली कार्यालय लाए। इसके बाद दिनभर टीम ने रिकॉर्ड खंगाले और डिजिटल डाटा की जांच की। मामला जीएसटी चोरी, फर्जी ई-वे बिल और संदिग्ध रिफंड क्लेम से जुड़ा हो सकता बताया गया है। कई फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर बिलिंग और कर रिफंड लेने की आशंका जताई जा रही है।
बताया गया है कि जीएसटी चोरी को लेकर जांच का दायरा और बढ़ सकता है। बीते वर्ष भी डीजीजीआई लखनऊ की टीम ने नौतनवा और सोनौली क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान एक स्थानीय चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भी जांच के घेरे में आई थी। माना जा रहा है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की फॉरेंसिक जांच के बाद बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। छापेमारी के बाद सोनौली के अधिकतर ट्रांसपोर्ट बंद हो गए थे। अधिकारियों की टीम सोनौली के कुछ ट्रांसपोर्टर के कार्यालय भी गई थी लेकिन वह बंद मिले।

जीएसटी सहित अवैध व्यापार का है आरोप
खुफिया टीम ने जीएसटी चोरी सहित अन्य अवैध व्यापार की शिकायत की जांच के लिए सोनौली में बीते दिनों से डेरा डाल रखा है। बीते वर्ष पहुंची टीम ने सोनौली के तीन युवकों से करीब 4 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी। इसके साथ ही बीते दिनों सोनौली के एक एजेंट और नौतनवा के एक कारोबारी के यहां छापेमारी कर दस्तावेज उठा ले गई थी। खुफिया टीम का सोनौली सीमा का यह तीसरा दौरा है। सूत्रों के अनुसार, टीम ने जीएसटी चोरी सहित अन्य अवैध कारोबार में लिप्त 27 लोगों की सूची बनाई है। जुलाई 2025 को सोनौली पहुंची डीआरआई कोलकाता की टीम ने सोनौली के जितेंद्र कुमार, धीरज कुमार और विशाल वर्मा नामक युवक से कड़ी पूछताछ किया और उनके बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य दस्तावेज के संबंध में जानकारी जुटाई। नौतनवा निवासी राजकुमार के घर पर छापेमारी कर आवश्यक दस्तावेज उठा ले गई थी।

कच्चे बिल पर अवैध गोदाम लेकर जीएसटी की चोरी
दिल्ली सहित अन्य महानगरों से कच्चे बिल पर ओरिजनल जीएसटी नंबर पर सामान की बुकिंग होती है। नेपाल में हुक्का फ्लेवर, हार्डवेयर, मोटर पार्ट्स तस्करी के लिए एक गिरोह लगा हुआ है। बुटवल निवासी कारोबारी रमेश पोखरेल ने बताया कि हुक्का फ्लेवर, मोटर पार्ट्स और हार्डवेयर के तस्करों के कारण कारोबार चौपट हो गया है। गुजरात और दिल्ली से कच्चे बिल पर सोनौली के अच्छे ट्रांसपोर्ट में की बुकिंग होती है। सामान सोनौली व नौतनवा तक नेपाल सीमा पर पहुंचाने के बाद नेपाल के प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र तक गोदाम में डंप किया जाता है। कैरियर द्वारा नेपाल के सीमावर्ती गांव में डंप किया जाता है। भेजने वाली पार्टी क्लेम करती है और पाने वाली पार्टी का पता ही नहीं चलता।
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27 चिह्नित, कई ट्रांसपोर्टर भी रडार पर
जांच टीम ने 27 जीएसटी धारक को चिह्नित किया है जो नेपाल माल एक्सपोर्ट करते हैं। उनके बैंक डिटेल की जांच की जा रही है। बताया गया है कि 27 जीएसटी धारकों को जीएसटी विभाग ने चिह्नित कर कार्यवाही शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि सरकार द्वारा नेपाल को ग्रे सूची में डालने के बाद भारत से नेपाल या नेपाल से भारत अकाउंट में आने वाले रुपये पर गृह मंत्रालय की नजर है। बताया गया कि इसमें कुछ ट्रांसपोर्टर भी हैं जो बिहार, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा से आकर सोनौली में जीएसटी का रजिस्ट्रेशन लेकर बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी में लिप्त हैं। विभाग उनके बारे में जानकारी जुटा रहा है। कुछ ऐसे नेपाली भी हैं जो जीएसटी बनवा कर नेपाल में रहते हैं, इनकी तलाश की जा रही है।
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