महराजगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाएं ग्रामीणों को बारिश, ओलावृष्टि, बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को रोकने और लोगों की जान बचाने के तरीके अब विस्तृत तरीके से बताएंगी। अब तक ब्लॉकवार 3 आपदा सखी तैनाती थीं, इनकी संख्या बढ़ाकर अब प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम पांच व अधिक से अधिक 11 इनकी संख्या की जाएगी। शुक्रवार सीडीओ ने इसे लेकर बैठक में भी निर्देश दिए हैं।
शासन की तरफ से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को आपदा मित्र के रूप में पूर्व से चयनित हैं। यह सखियां प्राकृतिक आपदाओं से निपटने तथा उनसे होने वाले नुकसान को रोकने जान बचाने का मार्ग सुझाती हैं जिन्हें आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से प्रशिक्षण भी दिया जाता। अब तक जिले में इनकी संख्या सिर्फ 36 थी, लेकिन शासन के निर्देश पर अब यह 60 या उससे अधिक होगी।