महराजगंज। पुरानी डीजल व पेट्रोल गाड़ियों के लिए सीएनजी व इलेक्ट्रिक किट बिक्री करने वाले ऑटो पार्ट्स डीलरों के लिए भी ग्रीन सेवा लाइसेंस परिवहन विभाग ने अनिवार्य कर दिया है। अबतक सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को ही यह लाइसेंस लेना होता था लेकिन ईवी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह अब विक्रेताओं के लिए भी यह अनिवार्य कर दिया गया है।
संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि पहले लोग बढ़ती ईधन लागत को देखते हुए पुराने वाहन में सीएनजी किट लगवाते थे। लेकिन अब इलेक्ट्रिक में तब्दील कराते का चलन अधिक है।
विभाग भी इन वाहनों का उपयोग बढ़ाना चाहता है क्योंकि सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहन का कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है। पहले सिर्फ किट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली यूनिट के लिए ही ग्रीन सेवा लाइसेंस लेना होता था लेकिन अब इसके डीलरों को भी ग्रीन सेवा लाइसेंस अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था बढ़ती बिक्री के मद्देनजर राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभावी किया गया है।