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अनुदान में खेल : 10 दिन बाद शुरू हुई जांच की कवायद 10 मिनट में पूरी कर लौटी टीम

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मामले के खुलासे के 10वें दिन जांच करने लाभार्थियों के पास पहुंची टीम
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10 मिनट में ही पूरी हुई जांच की कवायद, जांच टीम की कार्यशैली पर खड़े हो रहे सवाल
महराजगंज। बकरी अनुदान में हेराफेरी के मामले की जांच के लिए गठन के 10वें दिन धानी विकास खंड के कोइलाडांड़ में तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची। महज 10 मिनट में जांच टीम प्रक्रिया पूरी कर लौट गई। जांच टीम की कार्यशैली से अब जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनपद में निराश्रितों के लिए संचालित बकरी अनुदान योजना में गड़बड़झाला का मामला चर्चा में है। आरोप है कि लाभार्थियों के नाम जारी अनुदान रकम विभागीय जिम्मेदारों ने बंदरबांट कर लिया है। शिकायत के बाद सीवीओ स्तर से चार जुलाई को जांच टीम का गठन किया गया था। मजे की बात यह है कि जांच भी उसी महकमे को सौंप दिया गया जिस आरोप लगा।
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विभागीय साख बचाने के लिए जांच अधिकारी गठन के 10 वें दिन जांच करने पहुंचे लेकिन टीम ने महज 10 मिनट में ही पड़ताल कवायद पूरी कर ली। मामले में कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलना जरूरी है। जैसे लाभार्थियों ने बकरियां कब और कहां से खरीदीं, इनकी खरीद रसीद व ईयरटैगिंग कहां है? अभी तक इन सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं।
यहां तक कि मामले की शिकायत करने वाले बेलसड़ बी पैक्स सभापति प्रदीप को मौके पर बुलाने की जगह बुधावर को सिर्फ बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है।
लाभार्थी के घर बांध दी दूसरे की बकरी
अनुदान डकारने वाले लाभार्थियों के घर बकरियों की संख्या पूरी दिखाने के चक्कर में गांव के ही निवासी मोलहू की बकरी बांध गए। कोइलाडांड़ के निवासी मोलहू ने बताया कि कुरैशा व शकुंतला के लिए एक-एक बकरी उन्हीं से खरीदकर अस्पताल का एक कर्मी सोमवार की शाम पहुंचा गया। इसके लिए उन्हें चार हजार रुपये दिए गए। उन्होंने सिर्फ बकरी ही दी है उसके दो नवजात बच्चे उन्हीं के पास हैं।
गुपचुप जांच की गांव भर में चर्चा
जांच के लिए फरेंदा, नौतनवां व बृजमनगंज के डिप्टी सीवीओ लगाए गए थे। सूत्रों की माने तो तीनों अधिकारी एक साथ किसी भी लाभार्थी से मिलने नहीं गए। ग्रामीणों के मुताबिक, एक जांच टीम सदस्य कुरैशा (लाभार्थी) के घर गए तो दूसरा शकुंतला (लाभार्थी) की झोपड़ी में गया। जांच अधिकारी ने गांव में किसी से भी इन लाभार्थियों का घर तक नहीं पूछा जैसे उन्हें लाभार्थियों का घर पहले से पता हो। कुरैशा व शकुंतला के पड़ोसियों ने बताया कि दोनों लगभग 10 मिनट में लौट गए। लाभार्थियों से क्या पूछा गया और क्या देखा यह कोई नहीं जान सका।
वर्जन
जांच टीम लाभार्थियों के पास जांच के लिए आई यह सूचना ग्रामीणों के जरिये मिली। जांच पूरी करने के बाद जांच टीम सदस्य व डिप्टी सीवीओ अशोक यादव ने मुझे बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार को बुलाया है। शिकायत डीएम से की गई लेकिन जांच दोषी विभाग को ही सौंपा गया। यह पूरी तरह से लीपापोती करने की कोशिश है। जनसुनवाई में मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराऊंगा।
-प्रदीप कुमार, सभापति, साधन सहकारी समिति बेलसड़
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धानी विकास खंड में बकरी अनुदान लाभार्थियों का बयान दर्ज किया गया। जांच गोपनीय रहे इसलिए कुछ बताया नहीं जा सकता और न ही तस्वीर दी जाएगी। रिपोर्ट व फोटोग्राफ सीवीओ को ही सौंपी जाएगी।
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- डॉ. अशोक यादव, डिप्टी सीवीओ नौतनवां व जांच टीम सदस्य

पशु चिकित्सकों को गोशाला कार्य में लगाया गया था। इस वजह से टीम बकरी अनुदान मामले की जांच नहीं शुरू कर सकी थी। मंगलवार को जांच टीम का कार्य रिमाइंडर भेजने के बाद शुरू होने की जानकारी मिली है। शिकायतकर्ता का बयान टीम कल लेगी।
- डाॅ. एजाज अहमद, सीवीओ, महराजगंज
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