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आशंका : मां से मनमुटाव के चलते अनुष्का ने खा लिया था जहर

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बाबा-दादी के साथ रहती थी अनुष्का, मां अपने पास बुलाती थी, इसके चलते दोनों में था मनमुटाव
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छात्रा की मौत के बाद घर के बाहर पसरा रहा सन्नाटा, जांच में जुटी पुलिस
भटहट (गोरखपुर)। क्षेत्र के भलुही गांव की 15 वर्षीय छात्रा अनुष्का की मौत के मामले में आशंका जताई जा रही है कि उसने मां से मनमुटाव के चलते आत्मघाती कदम उठा लिया। वह गांव में बाबा-दादी के साथ रहती थी। मायके में रह रही मां चाहती थी कि वह उसके पास रहे। अक्सर इस बात को लेकर दोनों में फोन पर कहासुनी होती थी। घटना के दिन भी अनुष्का की उसकी मां से कहासुनी हुई थी।
पुलिस की अब तक की जांच में ये तथ्य सामने आए हैं। उधर, अनुष्का की मौत के बाद से घर में मातम का माहौल है और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बुधवार को अनुष्का के स्कूल में प्रार्थना के बाद शोक सभा का आयोजन किया गया। इसके बाद स्कूल के डायरेक्टर व प्रधानाचार्य समेत अन्य शिक्षकों ने उसके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
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गुलरिहा क्षेत्र के बरगदही स्थित एक निजी विद्यालय में मंगलवार को पिपराइच क्षेत्र के भलुही निवासी अरविंद सिंह की 15 वर्षीय बेटी अनुष्का सिंह ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अनुष्का तीन बहनों में सबसे बड़ी थी।
गुलरिहा एसओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि अनुष्का की मां अपने दो बेटियों अनुप्रिया व नैनसी के साथ अधिकतर समय मायके में ही गुजारती थी। जबकि उसके पिता अहमदाबाद में रहकर शटरिंग का कार्य करते हैं। ऐसे में अनुष्का अपने बाबा शोभा सिंह व दादी के साथ भलुही गांव में ही रहती थी। वह घर पर रहकर उनकी सेवा करती, उनके लिए खाना बनाती और फिर स्कूल जाकर पढ़ाई भी करती थी। ये बात उसकी मां को अच्छी नहीं लगती थी। वह अक्सर उसे कॉल कर अपने पास बुलाना चाहती थी। इसके चलते दोनों के बीच विवाद होता था। मंगलवार को भी इसी बात को लेकर मां से फोन पर कहासुनी हो गई थी।
इसके बाद वह साइकिल से पड़ोस की रहने वाली छात्रा के साथ स्कूल चली गई थी। दोपहर बाद स्कूल से उसका तबीयत खराब होने की सूचना मिली। देर शाम उसने बीआरडी मेडिकल काॅलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
गांव के बाहर स्थित दुकान से खरीदी थी टॉफी
गांव की रहने वाली सहपाठी सहेली का कहना है कि अनुष्का व्यवहार में बेहद कुशल और परिश्रमी लड़की थी। पढ़ाई में तेज होने के साथ-साथ वह स्कूल के हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। घर से स्कूल जाते वक्त वह रास्ते में गांव के बाहर स्थित किराने की एक दुकान से टॉफी खरीदी थी। आशंका है कि अनुष्का ने घर में गेहूं में डालने वाली दवा (जहर) भी अपने साथ ले गई होगी। वहां स्कूल में उसने दवा को टॉफी के साथ निगल लिया होगा। प्रार्थना के बाद पहली ही घंटी में उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। चक्कर आने पर कक्षा में मौजूद शिक्षक मुकेश यादव ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की। वाइस प्रिंसिपल नीरज कुमार ने उसके पिता से मोबाइल पर बातचीत भी कराई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता के पहुंचने से पहले हुआ बेटी का अंतिम संस्कार
दरअसल घटना के वक्त अनुष्का के पिता अहमदाबाद में थे। उनके लौटने तक शव खराब न हो जाए, इसलिए उसके परिजनों ने मंगलवार शाम को ही दाह संस्कार बैकुंठ धाम बरगदही में कर दिया। बाबा ने अनुष्का को मुखाग्नि दी। पिता अपनी बेटी का अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके। अनुष्का की मौत के बाद दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्कूल में शोकसभा
अनुष्का की असमय मौत से स्कूल के शिक्षक और छात्रों में गहरा शोक है। मंगलवार को प्रार्थना सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उसे श्रद्धांजलि दी गई। प्रिंसिपल मणिक श्रीवास्तव और डायरेक्टर बकरीदन भी छात्रा के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
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वर्जन
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी जांच में जुट गई है। छात्रा ने किन हालात में जहरीला पदार्थ खाया, इस पर परिजनों और सहपाठियों से भी पूछताछ की जा रही है।
-जितेंद्र कुमार सिंह, थानाध्यक्ष गुलरिहा
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