- पुलिस की हिरासत में थाईलैंड से ब्रिटेन ले जाए जाने के दौरान भाग निकला था ब्रिटिश नागरिक, जुलाई में सोनौली में दबोचा गया- महराजगंज जेल में उत्पात के बाद शिफ्ट किया गया है गोरखपुर जेल में
महराजगंज। थाईलैंड पुलिस को चकमा देकर दिल्ली एयरपोर्ट से भागा ब्रिटिश नागरिक जार्डन हैदराबाद, गोवा और मैसूर होते हुए सोनौली पहुंचा था। अक्तूबर 2025 में भागने के बाद करीब नौ महीने तक अलग-अलग शहरों में छिपकर रहा, जुलाई में सोनौली में दबोचा गया। नई दिल्ली के पटेल नगर और सोनौली थाने के विवेचकों की जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
11 जुलाई 2026 को भारत-नेपाल की सोनौली सीमा से दबोचा गया जार्डन 29 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से उस समय फरार हो गया था जब उसे ब्रिटेन को सौंपने के क्रम में थाइलैंड से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया था। दिल्ली से ब्रिटेन की फ्लाइट पकड़ने से पहले जार्डन न सिर्फ डिपोर्ट करने वाली थाइलैंड पुलिस को छकाकर, बल्कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को चकमा देकर भाग गया था। ब्रिटेन में बच्चे से दुष्कर्म के मामले में दोषी सिद्ध होने के बाद सजा से बचने के लिए वह भागकर बैंकाक पहुंचा था। बैंकाक में ड्रग्स गिरोह से जुड़ गया। सितम्बर-2024 में थाइलैंड में एक बालक से दुष्कर्म व ड्रग्स के मामले में दोषी होने पर उसे एक वर्ष की सजा हुई। 20 अक्तूबर-2025 तक वह थाइलैंड की जेल में था। इसी बीच ब्रिटेन ने उसे डिपोर्ट करने का पत्र भेजा। 28 अक्तूबर 2025 को थाईलैंड से उसे डिपोर्ट करने के लिए एक टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली पहुंची थी। ब्रिटेन की फ्लाइट ढाई घंटे बाद थी। एयरलाइन के ग्राउंड स्टाफ और एस्कॉर्ट की सख्त निगरानी में जार्डन को इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया में रखा गया था। वह इमिग्रेशन काउंटर 47 से भागने में सफल रहा। इस एयरपोर्ट अथारिटी की तहरीर व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 31 अक्टूबर को एयरपोर्ट थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, सीआईएसएफ, आईबी, ब्यूरो आफ इमिग्रेशन को उसकी खोज में लगाया गया था। वहीं जार्डन अलग-अलग शहरों में घूमता रहा। हैदराबाद में ब्लू फिल्म तैयार कर कमाई करने लगा। हैदराबाद पुलिस तक मामला पहुंचने से पहले ही वह भागकर मैसूर और गोवा में छिपा रहा। उधर, जून 2026 में जब दिल्ली एयरपोर्ट थाने में सभी एजेंसियों ने उसके न मिलने की रिपोर्ट लगा दी। इस बीच शातिर जार्डन ने भारत-नेपाल की खुली सीमा के रास्ते भारत से निकलने की कोशिश में सोनौली पहुंच गया।
नौ महीने बाद सोनौली में पकड़ा गया
बिना वीजा पासपोर्ट भारतीय सीमा से नेपाल में दाखिल होने के प्रयास में 11 जुलाई को जार्डन सोनौली एसएसबी 22 वीं वाहिनी के हत्थे चढ़ा। पूछताछ के बाद आव्रजन व विदेशी अधिनियम-2025 के तहत सोनौली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। सोनौली सीमा पर उसकी गिरफ्तारी तब हो सकी जब तलाश में जुटी सभी एजेंसियों ने जून 2026 में दिल्ली के एयरपोर्ट थाने में यह रिपोर्ट सौंप दी कि देश में जार्डन की तलाश पूरी हो गई और वह नहीं मिला। उसकी पूरी कहानी विवेचकों ने कोर्ट में दाखिल किए आरोप पत्र में बताई है।
28 को होनी है अगली सुनवाई
महराजगंज जेल में उत्पात के बाद ब्रिटिश नागरिक जार्डन को गोरखपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। गोरखपुर जेल में भी उसने उसी तरह की हरकतें शुरू कर दीं। गोरखपुर जेल प्रशासन ने अदालत से उसे हथकड़ी में रखने की इजाजत मांगी है। महराजगंज में दर्ज मामले में अदालत में 28 सितंबर को अगली सुनवाई होनी है।