महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में पहले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ
प्रदेश के आयुष मंत्री ने परिसर में किया पौधरोपण, परिसर का किया अवलोकन
भटहट। प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को स्थापित करने के लिए काफी कार्य किया है। प्रधानमंत्री के कार्यों की वजह से भारत के आयुष चिकित्सा पद्धति को आज एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा मिल रही है। आने वाले समय में आयुष के क्षेत्र में विकास के और भी कार्य किए जाएंगे।
डॉ. दयाशंकर मिश्र रविवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में एक भी आयुष विश्वविद्यालय नहीं था। प्रदेश सरकार की तरफ से बनाया गया यह पहला आयुष विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय से 99 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इस अवसर पर आयुष मंत्री ने पौधरोपण भी किया। परिसर के साथ ही वहां लगे आयुर्वेद के स्टाल का भी अवलोकन किया।
कुलपति प्रो. के. रामचन्द्र रेड्डी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्थापित प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय विश्वस्तरीय बनेगा। यहां मरीजों को और बेहतर इलाज के साथ सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। संचालन डॉ. लक्ष्मी अग्निहोत्री ने किया। सेमिनार में जय प्रकाश, डॉ. शशि शर्मा, डॉ. मनोहर राम, डॉ. रणधीर सिंह, प्रो. सीमा जैन, प्रो. वीना तिवारी, डॉ. रोहित पांडेय, डॉ. प्रीति अग्रवाल, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. मनोज दास, डॉ. अरुण वर्मा, डॉ. प्रिया एसआर व डॉ. श्वेता तिवारी आदि मौजूद रहीं।
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देश-विदेश से आए चिकित्सकों ने साझा किए अनुभव
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में इस्राइल और नेपाल समेत देश-विदेश के लगभग एक हजार चिकित्सक प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतिष्ठित चिकित्सकों ने भी सेमिनार को संबाेधित करते हुए अपने अनुभव साझा किए। डॉक्टरों ने आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी, सोवा रिग्पा, सिद्ध जैसी चिकित्सा पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।