संस्थान की इंस्टीट्यूट बॉडी मीटिंग में हुई इस पर चर्चा
एम्स (गोरखपुर)। एम्स में गवर्निंग बाडी (जीबी) और इंस्टीट्यूट बाडी (आईबी) की बैठक बुधवार को प्रेसिडेंट डॉ. हेमंत कुमार की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में बेटों की नियुक्ति के मामले में हटाई गईं तत्कालीन कार्यकारी निदेशक (ईडी) डा. सुरेखा किशोर के स्पष्टीकरण को सत्य से परे बताया गया।
वहीं आरएमआरसी (क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र) के निदेशक डाॅ. हरिशंकर जोशी से एम्स परिसर का आवास खाली कराने की संस्तुति की गई। नए प्रेसिडेंट डॉ. हेमंत कुमार ने पिछले सप्ताह ही कार्यभार ग्रहण किया था। इसके बाद एम्स में इन दोनों महत्वपूर्ण निकाय की उनकी अध्यक्षता में पहली बैठक थी। इसमें संस्थान में चिकित्सा व शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मौजूद सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने एम्स से मरीजों को रेफर करने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि अगर मरीज यहां से रेफर कर दिया जाएगा तो वह कहां जाएगा। उन्होंने पढ़ाई समेत कई मुद्दे उठाए। एम्स में 50 इंच के दो टेलीविजन खरीदने और गायब होने का मामला भी उठा। इसकी जांच कराने और खरीद एजेंसी की जवाबदेही तय करने की बात हुई।
चेयरमैन ने ओपीडी का किया निरीक्षण
गोरखपुर। बुधवार शाम चार बजे एम्स प्रेसिडेंट डॉ. हेमंत कुमार ने ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ मरीजों को स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। चेयरमैन ने बताया कि अगले सप्ताह से हर शनिवार को एक नेफ्रोलॉजिस्ट एम्स में मौजूद रहेगा। डायलिसिस कराने वाले मरीजों को परामर्श दिया जाएगा। खुद चेयरमैन भी टेली व वीडियो कंसल्टेंट के लिए उपलब्ध रहेंगे।