‘आत्मविश्वास से लक्ष्य प्राप्त कर सकती हैं बेटियां’
फरेंदा (महराजगंज)। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। वे हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। महिलाएं उत्पीड़न न सहें। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। नारी अबला नहीं है, वह सबला है। अपने अधिकार के प्रति हमेशा सतर्क रहें जिससे समाज में किसी भी महिला का उत्पीड़न न हो सके ।
यह बात खंड विकास विकास अधिकारी अमरनाथ पांडेय ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज आनंदनगर में मंगलवार दोपहर बाद 1.30 बजे अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ‘अपराजिता’ मुहिम के तहत नारी सशक्तीकरण गोष्ठी के दौरान कही। बीडीओ ने कहा कि शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान हर नारी का अधिकार है। महिलाएं अपनी बात कहने में संकोच न करें। बेटियों और महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदली है। लेकिन, अभी और बदलाव की जरूरत है। घर में बेटियों को सम्मान मिलेगा तभी समाज में उनकी स्थिति बदलेगी।
प्रधानाचार्या डॉ. ज्योति सिंह ने कहा कि उच्च शिक्षा ही महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिला सकती है। महिलाएं अन्याय न सहें। उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं। महिलाएं डरे नहीं समस्याओं पर खुलकर बात करें। बालिका शिक्षा से समाज में बढ़ रहे अपराध को रोका जा सकता है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल हेल्पलाइन का प्रयोग करें। अपराजिता अभियान से महिलाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। इस दौरान एपीओ अंकित श्रीवास्तव, रविशंकर दुबे, अर्चना त्रिपाठी, क्षमा सिंह, अजय कुमार, दीपमाला, नेहा श्रीवास्तव, आफताब आलम आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम 110 छात्राओं ने हिस्सा लिया।
महिला सुरक्षा से संबंधित जानकारी मिली
छात्रा अंशिका विश्वकर्मा ने कहा कि आज बेटियां व महिलाएं सशक्त बन रही हैं और वे प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रही हैं। कार्यक्रम में लाभकारी योजनाओं की जानकारी मिली जो बेहद उपयोगी साबित होगी।
शिक्षा से ही मुकाम हासिल होगा
छात्रा खुशी मिश्रा ने कहा कि शिक्षा जीवन के सभी अधियारों को दूर करती है। आधुनिक युग में शिक्षा का महत्व अधिक है। उच्च शिक्षा महिलाओं को बराबरी दिला सकती है।
बेटियों का बढ़ेगा हौसला
छात्रा खुश्बू ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं व बेटियों का हौसला बढ़ेगा। वे अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनेगी। शिक्षा व सेना के क्षेत्र में बेटियों के जाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
देश में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण
छात्रा अनन्या यादव ने कहा कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका अहम है। आधी आबादी होने के बाद भी महिलाओं को समाज में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। अपराजिता अभियान से अधिकार की जानकारी मिली।