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Maharajganj News: 24 तालाबों में पड़ेगी गंबूजिया, जेई व एईएस का प्रभाव होगा कम

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- मत्स्य विभाग की ओर से प्रत्येक तालाब में 500-500 मछली डालने की होगी पहल
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मच्छरों के साथ ही जेई व एईएस के प्रकोप को कम करने के लिए जिले के 24 तालाबों में गंबूजिया मछली डाली जाएंगी। मत्स्य विभाग की ओर से तालाबों का चयन करने के साथ ही मछली की व्यवस्था भी कर ली गई है। प्रत्येक में पांच-पांच सौ मछली डाली जाएंगी।
जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) व संभावित मस्तिष्क ज्वर(एईएस) का प्रभाव इस मौसम में इसलिए बढ़ने की संभावना रहती है, क्योंकि मच्छर अधिक पनपते हैं तथा वे बच्चों को काटते हैं। लोग भी बचाव के दृष्टिगत किए जाने वाले प्रबंधों को नहीं अपनाते। मच्छरों को शिकार बनाने के लिए तालाबों में गंबूजिया मछली डाली जाती है। इस बार भी उच्च जोखिम वाले जिले के 24 गांवों में मछली डालने के लिए तालाबों का चयन किया गया है। जल्द ही इनमें मछली डाली जाएगी।
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इन तालाबों मेंं पड़ेंगी गंबूजिया
उच्च जोखिम वाले गांवों मेें सदर ब्लॉक के चेहरी, धनेवा-धनेई, खेमपिपरा, लखिमा, तरकुलवा व खुटहां बाजार का नाम है। इसी प्रकार मिठौरा ब्लॉक के औराटार, पचमा व सिंदूरिया, निचलौल के बैठवलिया, शीतलापुर व टिकुलहिया, पनियरा के खजुरिया, परतावल के परतावल, चौपरिया, बरियारपुर, सुम्हाखोर व रामपुर चकिया, फरेंदा के सिधवारी, रतनपुर के सेखुआनी एवं सिसवा के खेसरारी, पोखरभिंडा, मधवलिया व बड़़हरा महंथ का नाम है।
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इन तालाबों से निकाली जाएगी गंबूजिया मछली
जिलाधिकारी आवास परिसर में स्थित तालाब एवं कुछ निजी तालाबों में गंबूजिया मछली पाली गई है। चिह्नित तालाबों में इन्हीं तालाबों से मछलियों को निकाल कर डाला जाएगा।
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जिले के कुल 24 तालाबों मेंं गंबूजिया मछली डालने के लिए तालाब चिह्नित कर लिए गए हैं। जल्द ही मछली को निकालकर उसमें डालने का कार्य होगा।
-रामदवर, मत्स्य निरीक्षक
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